विभिन्न समस्याओं से ग्रसित है वार्ड
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :16 Sep 2016 2:03 AM (IST)
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लक्ष्य को पाने के लिए प्रयास पहली शर्त होती है, पर सफलता तो तभी मिलती है, जब योजनाबद्ध तरीके से कार्यों की समीक्षा तथा उस पर अमल हो. अन्यथा प्रयास और परिश्रम के बाद भी वांछित लक्ष्य मिल पाना मुमकिन नहीं. वहीं जब इनमें कहीं-न-कहीं त्रुटि हो, तो लक्ष्य की प्राप्ति संदिग्ध हो जाती है […]
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लक्ष्य को पाने के लिए प्रयास पहली शर्त होती है, पर सफलता तो तभी मिलती है, जब योजनाबद्ध तरीके से कार्यों की समीक्षा तथा उस पर अमल हो. अन्यथा प्रयास और परिश्रम के बाद भी वांछित लक्ष्य मिल पाना मुमकिन नहीं. वहीं जब इनमें कहीं-न-कहीं त्रुटि हो, तो लक्ष्य की प्राप्ति संदिग्ध हो जाती है और जनता ठगा-सा महसूस करने लगती है.
आरा : धरातल पर जनता की आस और विकास के नक्शे पर वार्ड को लाना उतना आसान नहीं. अथक प्रयास और एक-एक पैसे की राशि काे योजनाबद्ध तरीके से खर्च करने से ही विकास धरातल पर आयेगा और जनता को एक नयी सुबह का आभास होगा. जन प्रतिनिधि और निगम प्रशासन के मिले-जुले सहयोग की दरकार है. वार्डों के सम्यक विकास के लिए. वार्ड नंबर 18 में अयोध्यापुरी, मदन जी के हाता, बजाज शो रूम से पूरब, पकड़ी चौक से होते हुए जज कोठी रोड से दक्षिण का क्षेत्र तथा पार्वती चंद्र होटल से पश्चिम और उत्तर का क्षेत्र जिलाधिकारी आवास आदि क्षेत्र पड़ता है. ऑन द स्पॉट समस्याओं की पड़ताल के लिए लोगों से बातचीत की गयी एवं समस्याओं की जानकारी ली गयी, तो विकास की सच्चाई का तथ्य सामने आया.
बेतरतीब नालियां व जलजमाव से परेशान हैं वार्डवासी : वार्ड में नालियों का निर्माण योजनाबद्ध तरीके से नहीं कराये जाने के कारण नालियां अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रही हैं. कहीं नालियां ऊंची हैं, तो कहीं गलियां ऊंची हैं. इससे पानी निकासी की गंभीर समस्या वार्ड में बनी रहती है. बरसात की कौन कहे गरमी के दिनों में भी कई गलियों में पानी जमा रहता है. वार्ड की नालियों की निकासी जिस मुख्य नाली में होता है, उसका निर्माण अभी अधर में है. आधी नाली का निर्माण हुआ है. लोगों का कहना है कि निगम और ठेकेदारों की मिली भगत से नाली की यह स्थिति है.
वहीं कई नालियां अभी भी कच्ची हैं, तो कई टूटी – फूटी स्थिति में हैं.
बुरी स्थिति में है पेयजल की व्यवस्था : पूरे वार्ड में मात्र चार चापाकल से लोगों को पीने का पानी उपलब्ध हो पाता है. जो वार्ड की संख्या के अनुसार काफी कम है.
वहीं एक भी जलमीनार का निर्माण अभी तक वार्ड में नहीं हो पाया है. इससे लोगों खास कर गरीबों को पीने के पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है.
राशि काे योजनाबद्ध तरीके से खर्च करने से ही विकास
सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं है. नालियां जाम रहती हैं. इससे काफी परेशानी होती है. इसमें सुधार लाना चाहिए.
रमेश कुमार सिंह
शौचालय का निर्माण नहीं होने से वार्ड के गरीबों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वे खुले में शौच करने को मजबूर होते हैं.
अनिल कुमार सिंह
वार्ड में नियमित सफाई करायी जाती है. कई स्ट्रीट लाइटें भी लगवायी गयी हैं. साथ ही चार चापाकल लगवाये गये हैं.
पार्वती देवी , वार्ड आयुक्त
पेंशन नहीं मिलने से नि:शक्तों, विधवाओं एवं वृद्धों को काफी परेशानी हो रही है. जनप्रतिनिधि इस पर ध्यान दें.
राजीव कुमार सिंह
अभी भी स्वच्छता पूरी नहीं अायी है. अभी और सफाई करने की जरूरत है. वार्ड में हर तरफ कचरा फैला रहता है.
विजय चंद्र पांडेय
लगातार प्रयास किया जा रहा है कि सभी वार्डों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाये.
प्रमोद कुमार , नगर आयुक्त
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