जम कर की गयी रोड़ेबाजी

Published at :09 Jun 2016 5:05 AM (IST)
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जम कर की गयी रोड़ेबाजी

आक्रोश . पुलिस के खिलाफ कब्जाधारियों का फूटा गुस्सा अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस को एक बार फिर सफलता हाथ नहीं लगी. सुबह से ही मार्टिन रेलवे की जमीन पर हंगामा होता रहा. बाद में ठेकेदार समर्थकों व कब्जाधारियों के बीच झगड़े को रोकने के लिए हलकी लाठियां चटकायीं, तब जाकर मामला शांत हो सका. इसमें […]

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आक्रोश . पुलिस के खिलाफ कब्जाधारियों का फूटा गुस्सा

अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस को एक बार फिर सफलता हाथ नहीं लगी. सुबह से ही मार्टिन रेलवे की जमीन पर हंगामा होता रहा. बाद में ठेकेदार समर्थकों व कब्जाधारियों के बीच झगड़े को रोकने के लिए हलकी लाठियां चटकायीं, तब जाकर मामला शांत हो सका. इसमें कई लोग घायल हो गये.
आरा : नौवीं बार मार्टिन रेलवे की जमीन कब्जाधारियों के चंगुल से छुड़ाने गयी भोजपुर पुलिस व ठेकेदारों को बुधवार की दोपहर बड़ा महंगा पड़ा. ठेकेदार के समर्थकों ने कब्जाधारियों को खाली कराने के उद्देश्य से पुलिस के सामने ही तमाचा जड़ा, तो विरोध का स्वर ऐसा फूटा कि पल भर में ही ईंट-पत्थर की बारिश होने लगी. पुलिसवाले समझ पाते, इससे पहले ही कइयों को ईंट ने घायल कर दिया. पुलिसवालों के घायल होने से पहले कब्जाधारियों के पांच युवकों समेत दो महिलाओं के सिर फूट चुका था.
इसके बाद विरोध का स्वर और तेज हो गया. करीब एक घंटे तक अनाईठ स्थित मार्टिन रेलवे की जमीन यह ड्रामा चलता रहा. बाद में ठेकेदार समर्थकों व कब्जाधारियों के बीच झगड़े को रोकने के लिए हलकी लाठियां चटकायीं, तब जाकर मामला शांत हो सका.
कब्जाधारियों में सात तथा तीन पुलिसवालों को आयीं चोटें
मार्टिन रेलवे की जमीन को खाली कराने के दौरान झुग्गी-झोंपड़ी में रहनेवाले राकेश सिंह, चंदन, प्रभु, शाहबाज, मो साबिर सहित दो महिलाएं जख्मी हो गयीं. जबकि पुलिसवालों की तरफ से एक महिला आरक्षी सीमा कुमारी व दो पुलिसकर्मी को भी गंभीर चोटें आयी हैं. सीमा कुमारी का सिर फूट गया.
रखे रह गये सीमेंट, बालू व छड़
पुलिसवाले तो कोर्ट के आदेश के बाद पूरी तैयारी के साथ आये थे, तो जमीन मालिक भी सीमेंट, बालू और लोहे के छड़ के अलावे मजदूरों व राजमिस्त्री को भी साथ लेकर आये थे, ताकि मौका मिलते ही जमीन पर पिलर गाड़ कर घेराबंदी की जा सके. मगर यह मामला धरा-का- धरा ही रह गया. जब जमीन मालिक के ठेकेदार ने झुग्गी- झोंपड़ीवालों से झगड़ा कर लिया. इसके कारण 14 बिगहा से ज्यादे की जमीन का मामला बुधवार को अधर में लटक गया.
सुनियोजित लगा ईंट-पत्थर चलाने का मामला
जिस तरह से ईंट-पत्थर बुधवार को चले. ऐसा प्रतीत हो रहा था कि यह झगड़ा पूरी तरह से सुनियोजित था. जमीन मालिक के कथित समर्थकों व झुग्गी-झोंपड़ी में लगभग चार दशक से रह रहे लोगों के बीच झड़प के बीच पुलिस को संभवत: पहले से ही जानकारी थी. जिस समय ठेकेदार समर्थक व स्थायी निवासी तू-तू, मैं-मैं कर रहे थे, उस समय पुलिस मूकदर्शक बनी हुई थी. अचानक ईंट-पत्थर चलने से कुछ पलों के लिए पुलिसवालों के समक्ष भी अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया था.
यादव महासभा ने घटना की निंदा की
भू-माफियाओं द्वारा मार्टिन रेलवे की जमीन पर से झुग्गी-झोंपड़ी में रहनेवालों को जबरन हटाये जाने की अखिल भारतीय यादव महासभा ने कड़े शब्दों में निंदा की. बैठक के दौरान रामसकल सिंह भोजपुरिया ने कहा कि भू-माफिया एवं जिला प्रशासन के गंठजोड़ की वजह से झोंपड़पट्टी में रहनेवाले लोगों को बलपूर्वक हटाया जा रहा है.
1910 में मार्टिन रेलवे की रैयतों एवं जिला पर्षद से 99 वर्ष की लीज पर जमीन ली गयी थी. लीज की समय-सीमा वर्ष 2009 में समाप्त हो चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त जमीन के पीछे कई सफेदपोश लोगों के हाथ है.
इस स्थिति में कुछ भू-माफिया अनेक बार पावर ऑफ अटार्नी को लेकर जमीन को हड़पने के लिए कोशिश कर चुके हैं. जब मार्टिन रेलवे की जमीन है ही नहीं, तो उसे बेचने का पावर कैसे. जिस व्यक्ति के नाम पर पावर देने की बात कही जा रही है, वे व्यक्ति फर्जी ढंग से उस जमीन की रजिस्ट्री करा चुके हैं.
पांच को आयीं चोटें, पुलिसवाले भी हुए घायल
बाद में पुलिस ने किया बल प्रयोग, तो मामला हुआ कुछ समय के लिए ठंडा
मामला मार्टिन रेलवे की जमीन का
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