एक हो जायेंगे भोजपुरी संस्कृतिवाले दो जिले

Published at :06 Jun 2017 3:47 AM (IST)
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एक हो जायेंगे भोजपुरी संस्कृतिवाले दो जिले

खुशी . आरा- छपरा पुल का उद‍्घाटन 11 को उद्घाटन को लेकर कार्य अंतिम दौर में कोइलवर के समीप राष्ट्रीय उच्च पथ 19 और 30 एक दूसरे से मिलेंगे आरा/कोइलवर : वह दिन दूर नहीं जब सदियों से अलग-थलग पड़े दो भोजपुरी भाषी क्षेत्र भोजपुर और छपरा जिलों के बीच कोइलवर- डोरीगंज के बीच बबुरा […]

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खुशी . आरा- छपरा पुल का उद‍्घाटन 11 को

उद्घाटन को लेकर कार्य अंतिम दौर में
कोइलवर के समीप राष्ट्रीय उच्च पथ 19 और 30 एक दूसरे से मिलेंगे
आरा/कोइलवर : वह दिन दूर नहीं जब सदियों से अलग-थलग पड़े दो भोजपुरी भाषी क्षेत्र भोजपुर और छपरा जिलों के बीच कोइलवर- डोरीगंज के बीच बबुरा में गंगा नदी पर बन रहे विश्वस्तरीय अत्याधुनिक तकनीकवाले पुल से एक हो जायेंगे. शाहाबाद को गंगा पार के भोजपुरी भाषी क्षेत्रों से मिलन की बेला अब ज्यादा दूर नहीं है, क्योंकि राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 30 और 19 को जोड़नेवाले इस अत्याधुनिक पुल के 11 जून, 2017 तक तैयार हो जाने की अटकलें लगायी जा रही है़ं पुल को राष्ट्र को समर्पित होते ही गंगा नदी के दोनों छोर पर बसे भोजपुरी भाषी क्षेत्र के लोगों की सभ्यता और संस्कृति एक हो जायेगी़
दो हिस्सों में होगा फोर लेन पुल का निर्माण : विश्वस्तरीय अत्याधुनिक तकनीक वाला यह पुल दो हिस्सों में है, जिसका पहला हिस्सा गंगा नदी पर चार किलोमीटर तथा दूसरा हिस्सा 350 सौ मीटर का फोर लेन सड़क है़ चार किलोमीटर के पहले हिस्से में पुल पर 53 और साढ़े तीन सौ मीटर वाले पार्ट में सात खंभे बने हैं, जिस पर पुल का निर्माण है़ चार किलोमीटर फोरलेन पुल और लगभग 17600 किलोमीटर एप्रोच तथा पांच किलोमीटर गाइड वाला लंबा पथ बना है,
जिस पर 676 करोड़ रुपये खर्च व अवधि विस्तार के साथ लागत में भी वृद्धि-वृद्धि हुई है़
2010 में ही तैयार कर ली गयी थी पुल की रूपरेखा : बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा छपरा भोजपुर को जोड़ने के लिए गंगा नदी पर पुल निर्माण की रूपरेखा जुलाई, 2010 में ही तैयार कर ली गयी थी. पुल की नींव फरवरी, 2011 में डाली गयी और इसे जुलाई 2014 तक तैयार होना था.
इन जिलों की दूरी होगी कम : राष्ट्रीय उच्च पथ 19 और 30 को जोड़नेवाले इस पुल के तैयार हो जाने से गंगा पार के छपरा, सोनपुर, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण और उत्तर प्रदेश के निकटवर्ती कुछ जिले तथा इस ओर भोजपुर, बक्सर, भभुआ, रोहतास, पटना से नजदीक हो जायेंगे. आरा से छपरा सीवान तथा अन्य निकटवर्ती जिलों तक जाने के लिए महात्मा गांधी सेतु को पार कर जाने में लगभग चार से पांच घंटे का समय लगता था
लेकिन पुल के बन जाने से अब यह दूरी महज दो घंटे में तय की जा सकेगी.
कोइलवर के समीप जुड़ेगा एनएच 30 से : छपरा के डोरीगंज से आनेवाला राष्ट्रीय उच्च पथ 19 बबुरा, जमालपुर, झलकुनगर, कोइलवर से निकलते हुए कुल्हड़िया के समीप उच्च पथ 30 में जाकर मिलेगा़ हालांकि कुलहड़िया के धनडीहा मौजा में भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों ने उचित मुआवजा नहीं मिलने पर जमीन देने से मना कर दिया है़
चल रहे कार्य को भी रूकवा दिया है, जिससे उद्घाटन होने के बाद कोइलवर-बबुरा पुराने पथ से वाहनों का आवागमन हो पायेगा़ हालांकि आरा-छपरा पुल के उद्घाटन के बाद कोइलवर पुल पर वाहनों का दबाब बढ़ेगा और प्रतिदिन जाम का सामना करना पड़ेगा़ क्योंकि पटना-बक्सर फोर लेन का कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है और न ही पुल के समानांतर कोई पुल का निर्माण शुरू हुआ है़
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