जहां जरूरी नहीं वहां बना दिया नाला जहां चाहिए वहां छोड़ा भगवान भरोसे

Updated at : 18 May 2018 4:40 AM (IST)
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जहां जरूरी नहीं वहां बना दिया नाला जहां चाहिए वहां छोड़ा भगवान भरोसे

भागलपुर : निगम क्षेत्र के सभी वार्ड के विकास के लिए निगम की ओर से लाखों रुपये सड़क और नाला निर्माण पर खर्च किये जाते हैं. लेकिन उचित रख-रखाव के बिना एक साल में ही नाला में इतना गाद भर जाता है कि नाला के ऊपर से पानी बहने लगता है. निगम की आेर वार्ड […]

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भागलपुर : निगम क्षेत्र के सभी वार्ड के विकास के लिए निगम की ओर से लाखों रुपये सड़क और नाला निर्माण पर खर्च किये जाते हैं. लेकिन उचित रख-रखाव के बिना एक साल में ही नाला में इतना गाद भर जाता है कि नाला के ऊपर से पानी बहने लगता है. निगम की आेर वार्ड में सड़क और नाला का निर्माण तो हुआ लेकिन अभी जहां नाला की जरूरत है, वहां नाला नहीं बनाया गया. कई जगह अधूरे नाले का निर्माण किया गया. नाला की सही सफाई नहीं होने से बड़े से लेकर छोटे नाले की स्थिति नारकीय हो गयी. शहर की सफाई व्यवस्था और निगम के सफाई कर्मियों पर हर माह लगभग एक करोड़, 25 लाख रुपये खर्च किये जाते हैं, लेकिन सफाई की स्थिति शहर के सामने है.
सफाई नहीं होने के कारण गाद से भरा हुआ है नाला
निगम द्वारा नाला का गाद तो निकाला जाता है, लेकिन उसकी सफाई सही तरीके से नहीं होती है. अगर बारिश हुई तो फिर से आधा गाद नाला में और आधा गाद सड़क पर पसर जाता है. गुरुवार को रामसर चौक पर नाला का गाद इसी तरह सड़क किनारे बजबजा रहा था.
नाला चाहिए, बना नहीं, सड़क पर बहता है पानी
शहर में निगम की ओर से लाखों रुपये खर्च कर कई नाले बनाये गये लेकिन जहां नाला की आवश्यकता है, वहां नाला का निर्माण नहीं हुआ है. निगम द्वारा जीरोमाइल एलआइसी बिल्डिंग के पीछे हाउसिंग बोर्ड में लगभग 40 लाख की राशि से नाला और सड़क का निर्माण कार्य कराया गया. अभी वह नाला घास-फूस व जंगल से भरा है. जहां नाला की आवश्यकता बहुत है, वहां नाला बना ही नहीं. बरारी हाउसिंग बोर्ड चौक पर नाला का पानी सड़क पर बहता है. हमेशा नाला का पानी जमा रहता है. बारिश के समय तो सड़क पर पानी की धार बहती है, जिससे सड़क भी टूट जाती है. वहीं विक्रमशिला सेतु के बगल में हाउसिंग बोर्ड वाले रास्ते में हथिया नाला का निर्माण हो रहा है. लेकिन उसे भी आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है.
निगम कैंपस की शोभा बढ़ा रही नाला साफ करने की मशीन
स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में बड़े नाला की सफाई के लिए मशीन तो आयी लेकिन एक साल से निगम परिसर में यह मशीन धूल फांक रही है. छोटे नाला को साफ ेग़करने वाली मशीन भी आयी. वह निगम गोदाम में रखी हुई है. निगम परिसर में रखे नाला के गाद को एकत्र करने वाली इतनी बड़ी टंकी है कि जिस नाला की सफाई कई साल से नहीं हुई है उसकी सफाई आसानी से हो जाये. लगभग तीस लाख एक टंकी की लागत है.
लाखों का नाला तो बना, पर किसी काम का नहीं
बरारी हाउसिंग बोर्ड पॉश इलाका है. इस जगह पर अधिकारी वर्ग के लाेग रहते हैं. लेकिन यहां ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त है. बहुत पहले जो नाला बना था, उसकी सही से सफाई तक नहीं होती है. वहीं बरारी पुल घाट में बड़ा नाला है, जिसमें पूरे बरारी का पानी आता है. इसकी सफाई निगम द्वारा ठीक ढंग से नहीं की जाती है. इसकी सफाई हो जाये बारिश में जल-जमाव की स्थिति नहीं बनेगी.
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