ब्रेन हेमरेज से प्रोफेसर की मौत, गांव में मातम

Published at :01 Nov 2015 7:02 PM (IST)
विज्ञापन
ब्रेन हेमरेज से प्रोफेसर की मौत, गांव में मातम

ब्रेन हेमरेज से प्रोफेसर की मौत, गांव में मातम(फोटो नंबर-6) परिचय-मृतक की पत्नी को ढ़ाढंस बंधाते धीरेंद्र कुमार व अन्य हसपुरा (औरंगाबाद)हसपुरा प्रखंड के डिंडिर गांव में प्रोफेसर की मौत ब्रेन हेमरेज से हो गयी. जानकारी के अनुसार, प्रो अमर प्रसाद जेपीजी कॉलेज इटवा में एक्नोमिस के व्याख्याता थे. साथ ही वे सहारा इंडिया में […]

विज्ञापन

ब्रेन हेमरेज से प्रोफेसर की मौत, गांव में मातम(फोटो नंबर-6) परिचय-मृतक की पत्नी को ढ़ाढंस बंधाते धीरेंद्र कुमार व अन्य हसपुरा (औरंगाबाद)हसपुरा प्रखंड के डिंडिर गांव में प्रोफेसर की मौत ब्रेन हेमरेज से हो गयी. जानकारी के अनुसार, प्रो अमर प्रसाद जेपीजी कॉलेज इटवा में एक्नोमिस के व्याख्याता थे. साथ ही वे सहारा इंडिया में भी 1994 से ही कार्य करते आ रहे थे. वे सहारा इंडिया में चीफ फिल्ड मैनेजर रॉवाएल पांच रैंक पर कार्यरत थे. यही दोनों कार्यों में ये काफी व्यस्त रहते थे. शनिवार को भी प्रत्येक दिन की तरह सुबह से ही अपने घर से निकल कर नियमित कार्यों में लग गये थे. शाम लगभग साढ़े छह बजे सभी कार्यों से निबट कर घर वापस लौट रहे थे. जैसे ही जमाल बिगहा गांव के कुआं के पास पहुंचे की सिर में चक्कर आना शुरू हुआ. वहीं जमाल बिगहा गांव के दो युवक खड़ा थे, उसने बताया कि चक्कर आने के बाद वे अपने बाइक को स्टैंड पर खड़ा करने लगे. लेकिन बाइक गिर गया. साथ ही साथ वे भी गिर गये. खड़े युवक ने बाइक को हटाया, उसके बाद प्रो को अलग ले जाकर लेटाया और गांव के लोगों को सूचना दी. गांव के मिंटू शर्मा, योगेंद्र शर्मा, विंदेश्वर सिंह, अरुण कुमार गुप्ता, धनंजय कुमार, चंद्रशेखर प्रसाद, शंभु गुप्ता सहित दर्जनों लोग वहां पहुंच कर रेफरल अस्पताल हसपुरा ले गये, जहां के चिकित्सकों ने ब्रेन हेमरेज बताते हुए इलाज प्रारंभ कर स्थिति को गंभीर देखते हुए पटना रेफर कर दिया. ग्रामीणों ने उन्हें एंबुलेंस पर बैठाया. पर, बैठते ही उनकी मौत हो गयी.मौत की खबर सुनते ही पत्नी हुई बेहोश : जैसे ही मौत की खबर गांव में पहुंचने पर मातमी सन्नाटा पसर गया. जैसे-जैसे लोगों को खबर मिलती गयी लोग उनके घरों पर पहुंचने लगे. इधर, पत्नी पुष्पावती को मौत की खबर मिलते ही वह अचेत होकर गिर गयी. गांव घर की महिलाएं उनको ढांढ़स बंधाने में लगे रहे, लेकिन वह बस एक ही रट लगा रही थी कि अब बेटी सोनम के के बिअहतव हो रजवा, हमारा पर सारा बोझा गिरा के चल गेल रजवा. उनकी रोने की आवाज से सुनने वाले हर लोग का कलेजा फटा जा रहा था. मृतक प्रोफेसर अपने पीछे पत्नी सहित दो बेटी व दो बेटों को छोड़े गये हैं. प्रोफेसर की पत्नी पुष्पावती कुमारी आंगनबाड़ी में सेविका है. बड़े बेटे अमित कुमार (20 वर्ष), छोटा बेटा रवि कुमार (19 वर्ष) व छोटी बेटी श्वेता कुमारी (17 वर्ष) पटना में रह कर कंपटीशन की तैयारी करते हैं, जिनका सारा खर्च प्रो के कंघों पर ही था. लेकिन उनके मरने के बाद सारा परिवार के उम्मीद पर पानी फेर गया है.सहारा इंडिया के रिजनल प्रमुख ने दी सांत्वना : अमर प्रसाद की मौत की खबर सुनते ही सहारा इंडिया के औरंगाबाद रिजनल प्रमुख धीरेंद्र प्रसाद, सेक्टर प्रमुख सुधाकर पांडेय, बारुण एफसी हेड राम निवास सिंह, एफसी प्रमुख अर्जुन कुमार, रिजनल एडवाइजर सतीश कुमार पांडेय सहित कई सहारा इंडिया परिवार ने मृतक की पत्नी पुष्पावती को ढांढ़स बंधाते हुए कहा कि आप लोगों के साथ सहारा इंडिया का पूरा परिवार है. किसी चीज की कमी आप लोगों को नहीं होने देंगे. वहीं जेपीजी कॉलेज के सभी कर्मचारियों ने मृतक प्रो के परिजनों को ढांढ़स बंधाते हुए हर संभव मदद करने की सांत्वना देते हुए अंतिम संस्कार में शामिल हुए.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन