धान की फसल में लग रहे कीड़े, सूखने लगे पौधे
Updated at : 11 Sep 2019 8:42 AM (IST)
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कुटुंबा : चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी से धान के फसल में कीड़े लगने लगे हैं. इसके कारण फसल का विकास अवरूद्ध हो गया है और धान के पौधे सूखने लगे है. यह बीमारी जड़ से पौधों को नष्ट कर दे रही है. ऐसे में किसान काफी चिंतित हैं. सूही गांव के किसान रामनरेश […]
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कुटुंबा : चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी से धान के फसल में कीड़े लगने लगे हैं. इसके कारण फसल का विकास अवरूद्ध हो गया है और धान के पौधे सूखने लगे है. यह बीमारी जड़ से पौधों को नष्ट कर दे रही है. ऐसे में किसान काफी चिंतित हैं.
सूही गांव के किसान रामनरेश पांडेय, सुदर्शन पांडेय व अर्जुन पासवान आदि बताते हैं कि फसल लगे खेत में देखने से कहीं भी कीड़े नजर नहीं आते है. पर, डंठल पकड़ते के साथ ही पौधा उखड़कर हाथ में चला आ रहा है. किसानों ने बताया कि सवर्णा मंसूरी 7029 वेराईटी की फसल इस रोग से अधिक प्रभावित हुई है. किसानों का मानना है कि बारिश नहीं होने व सिंचाई की कमी होने के वजह से कीड़ो का प्रकोप बढ़ा है.
जानकारी के अनुसार, रोग पर नियंत्रण पाने के लिए अन्नदाता हर संभव प्रयास कर रहे हैं. इसके बावजूद कीड़ों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. किसान संघर्ष समिति के प्रखंड अध्यक्ष अजीत कुमार का कहना है कि संबंधित विभाग के को-ऑर्डिनेटर व सलाहकार को किसानों की समस्या से कोई माने मतलब नहीं है. उन्होंने डीएओ राजेश प्रताप सिंह व एसएओ अनिल चौधरी से मिल कर जांच व कार्रवाई करने की मांग की है.
10 जी थाइमेट का करें छिड़काव
फसल लगे खेतों में सिंचाई की कमी होने से गच्छौती की प्रकोप होने की आशंका बनी रहती है. गच्छौती धान के फसल लगे खेत के मेढ़ में रहती है. खेतों में पानी की कमी होने पर रात्रि में पौधे को जड़ में प्रवेश कर कुतर देती है. किसान फसल लगे खेत में 10 जी थाईमेंट तीन केजी प्रति बीघा के दर से छिड़काव करें. 10जी नहीं मिलने पर 4जी पांच केजी प्रति बीघा छिड़काव करना पड़ेगा.
डॉ नित्यानंद, केवीके सिरिस, औरंगाबाद
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