बंद कमरे से चिल्लाते रहे परिजन, नहीं पहुंचे पड़ोसी

Updated at : 05 Jan 2018 5:56 AM (IST)
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बंद कमरे से चिल्लाते रहे परिजन, नहीं पहुंचे पड़ोसी

हड़कंप. शाहपुर में होटल व्यवसायी के घर से 1.80 लाख नकद, जेवरात सहित सात लाख की चाेरी पूरे इत्मीनान से चोरों ने दिया घटना को अंजाम पड़ाेिसयों के दरवाजे भी बाहर से बंद कर दिये थे चाेरों ने औरंगाबाद कार्यालय : 16 दिसंबर 2017 को ब्याही बेटी को ससुराल से मायके लौटने पर घर में […]

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हड़कंप. शाहपुर में होटल व्यवसायी के घर से 1.80 लाख नकद, जेवरात सहित सात लाख की चाेरी

पूरे इत्मीनान से चोरों ने दिया घटना को अंजाम
पड़ाेिसयों के दरवाजे भी बाहर से बंद कर दिये थे चाेरों ने
औरंगाबाद कार्यालय : 16 दिसंबर 2017 को ब्याही बेटी को ससुराल से मायके लौटने पर घर में खुशियों का माहौल था. मां-बाप तो उसकी हाल ले ही रहे थे, बड़ी बहन भी अपनी छोटी बहन से मिलने घर आयी हुई थी. रात में सभी लोगों ने मिल जुल कर खाना खाया और खुशियों को साझा किया, लेकिन किसे पता था कि यह खुशी महज चंद घंटे की थी. अपने आंखों के सामने अपने घर को लुटते हुए देख सारी खुशियां एक झटके में गम में तब्दील हो गये.
औरंगाबाद शहर के शाहपुर कृष्णा पुरी मुहल्ले में एक बार फिर पुलिसिया व्यवस्था को धता बताते हुए चोरों ने होटल व्यवसायी नारायण प्रसाद गुप्ता के घर भीषण चोरी की घटना काे अंजाम दिया है़ मां से लेकर दोनों बेटी के सारे जेवरात व कीमती कपड़ों के साथ घर में रखे एक लाख 80 हजार रुपये नकद भी चुरा लिये. घटना बुधवार की मध्य रात्रि की है. नारायण प्रसाद की मानें, तो नकद सहित लगभग सात लाख रुपये के सामान चोरी हुआ है. ताजुब की बात तो यह है कि जिस वक्त चोर घर में चोरी कर रहे थे, उस वक्त परिजनों को इसकी भनक भी लग गयी थी, पर उनके निकलने के सारे रास्ते चोरों ने बाहर से बंद कर दिये थे.
घर की खिड़कियां भी बाहर से रस्सी के सहारे बंद थी. बंद कमरे में परिजन चिल्लाते रहे और चोर अपने काम में लगे रहे. होटल व्यवसायी के घर से निकली चीख बाहर तक गयी, पर मुहल्ले के किसी भी व्यक्ति ने हाल जानने की कोशिश नहीं की. नारायण के घर चोरी हुए उपयोगी सामान को चोर साथ ले गये और फालतू सामान को घर से 500 मीटर की दूरी पर हसौली मोड़ के समीप बधार में फेंक दिया. जब पुलिस को चोरी की सूचना मिली तो पुलिस पदाधिकारी रामायण मिश्रा, दुर्गा पांडेय व अन्य पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और फिर मामले की छानबीन की. इधर, नारायण प्रसाद ने चोरी की लिखित सूचना नगर थाना को दी है. थानाध्यक्ष राजेश वर्णवाल ने बताया कि पुलिस कार्रवाई कर रही है.
बर्बाद हो गया पूरा परिवार : नारायण प्रसाद गुप्ता के घर घुसने से पहले आसपास के पड़ोसियों के घरों के दरवाजे भी चोरों ने बाहर से बंद कर दिये थे, ताकि वह इत्मीनान से चोरी की घटना का अंजाम दे सके. इस बात की जिक्र नारायण प्रसाद ने पुलिस से भी की. पता चला कि नारायण प्रसाद शहर के यमुना नगर में कामा बिगहा चौक के समीप एक खान-पान का होटल चलाते हैं. इस घटना के बाद पूरा परिवार बर्बाद हो गया.
24 पदाधिकारी व 57 जवानों के भरोसे सवा लाख की आबादी
औरंगाबाद शहर की आबादी लगभग सवा लाख के करीब है. हाल में शहर का विस्तार भी तेजी से हुआ है. चार साल पहले जिस इलाके में लोग घर बसाने की जरूरत नहीं समझते थे, आज वह इलाका भरा पड़ा है. आबादी तेजी से बढ़ी है पर व्यवस्था उतनी सुदृढ़ नहीं जितनी होनी चाहिए थी. औरंगाबाद शहर के सवा लाख की आबादी के लिए दो थाने की आवश्यकता है पर नगर थाना के भरोसे इस शहर की सुरक्षा व्यवस्था चल रही है. सबसे बड़ी बात यह है कि नगर थाना में पुलिसकर्मियों का अभाव तो है ही वाहनों की कमी है.
24 पुलिस पदाधिकारी 57 जिला बल के जवान पदस्थापित हैं. इसी में दो चार हर वक्त छुट्टियों में रहते हैं. रात्रि में तीन पुलिस गश्ती निकलती है, जिनका एरिया एक और दो भाग में बांटा हुआ है. इसके अलावे 20 साइकिल गश्ती निकलती है, बावजूद यह कम है. हालांकि इस पर कुछ भी कहने पर पुलिस के पदाधिकारी कतराते हैं, लेकिन जो आंकड़े हैं वह बेहतर नहीं है.
24 पुलिस पदाधिकारी में 12 दारोगा एवं 12 जमादार शामिल हैं, इन्हीं में से तीन को थाना ओडी और एक को सदर अस्पताल ओडी में तैनात किया जाता है, वह भी 24 घंटे के लिए. सवाल यह उठता है कि 24 पुलिस पदाधिकारी, 57 जिला बल और 12 होमगार्ड के भरोसे सवा लाख की आबादी कैसे सुरक्षित रह सकती है.
रामाबांध के समीप थाना खोलने की उठायी मांग
औरंगाबाद शहर में सवा लाख की आबादी को बांटने के लिए एक नये थाना खोलने पर समाजसेवियों ने अपनी प्रतिक्रिया प्रभात खबर को दी और एसपी डाॅ सत्यप्रकाश का ध्यान भी आकृष्ट कराया. पेंशनर समाज के अध्यक्ष जगन्नाथ सिंह, महाराणा प्रताप सेवा संस्थान के सचिव अनिल कुमार सिंह, अवकाश प्राप्त शिक्षक रामनंदन सिंह, श्रीकांत शर्मा, प्रोफेसर श्रीनिवास सिंह, समाजसेवी आलोक सिंह ने कहा कि औरंगाबाद शहर में एक अन्य थाना खोलने की बेहद जरूरत है. आमलोगों की सुरक्षा के लिहाज से रामाबांध बस स्टैंड के समीप थाना अगर खोला जाता है तो यह बेहतर होता. हाल के दिनों में जिस तरह से चोरी की घटना हुई है, उससे तभी निजात मिल सकता है जब पुलिस थाना खोला जाये.
शहर में खुलेंगे पांच टीओपी : एसपी
पुलिस अधीक्षक डाॅ सत्यप्रकाश ने कहा कि शहरवासियों को सुरक्षा देने के लिए पुलिस विभाग का मास्टर प्लान तैयार है. शहर में पांच जगहों पर टीओपी (टाउन ऑउट पोस्ट) खोला जायेगा. प्रत्येक टीओपी में पुलिस पदाधिकारियों के साथ जवानों की तैनाती होगी. एक ट्रैफिक थाना भी खोला जायेगा. रमेश चौक, रामाबांध, जसोइयां सहित अन्य जगहों को चिह्नित किया गया है. एसपी ने कहा कि अपराध पर लगाम लगाने के लिए हर कोशिश की गयी है और इसमें हम बहुत हद तक सफल भी हुए हैं.
आम लोगों को भी जागरूक होना होगा, वे अपनी जवाबदेही और जिम्मेदारी अपनों के साथ-साथ दूसरों की भी मदद करें. बेहतर व्यक्तित्व से ही बेहतर समाज का निर्माण होगा. पुलिस तो सुरक्षा प्रदान करने के लिए है ही.
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