आज है इस साल की पहली अमावस्या, पौष अमावस्या पर ये 4 काम करना न भूलें
Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 11 Jan 2024 11:22 AM
Pitra Dosh Upay: पौष अमावस्या का दिन पितरों को समर्पित है. पौष अमावस्या के दिन तर्पण करने से पितरों के आशीर्वाद मिलता है, जिससे पितृ दोष समाप्त हो जाती है और व्यक्ति अपने जीवन में तरक्की करता है.
Paush Amavasya 2024: कल पौष अमावस्या है. यह अमावस्या साल 2024 की पहली अमावस्या होगी. पौष अमावस्या 11 जनवरी 2024 दिन गुरुवार को है. हिंदू धर्म में हर महीने की अमावस्या तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है. पौष का महीना और अमावस्या तिथि दोनों ही पितरों को समर्पित है. पौष अमावस्या पर कुछ विशेष कार्य करने से पितरों यमलोक की यातनाओं से मुक्ति मिलती है. धार्मिक मान्यता है कि पौष अमावस्या के दिन श्राद्ध-तर्पण करने पर पितर स्वर्ग को प्राप्त होते हैं, इसके साथ ही पितृ दोष से मुक्ति मिलती है.
पौष मास की अमावस्या तिथि 10 जनवरी 2024 की रात 08 बजकर 10 मिनट पर प्रारंभ हो रही है. अमावस्या तिथि का समापन 11 जनवरी के दिन शाम 05 बजकर 26 मिनट पर होगा. ऐसे में साल 2024 की पौष अमावस्या 11 जनवरी दिन गुरुवार को मनाई जाएगी.
पौष अमावस्या पर गंगा नदी या घर में ही गंगाजल डालकर स्नान करें. इससे आरोग्य की प्राप्ति होती है. पूर्वजों के निमित्त तर्पण करें. पितरों का श्राद्ध करने के लिए सुबह 11 बजकर 30 मिनट से दोपहर 1 बजे तक के बीच का समय उत्तम माना जाता है. अमावस्या पर दोपहर के समय पितर अपने वंशज के बीच आकर उनसे जल-अन्न प्राप्ति की उम्मीद रखते हैं. ऐसे में इस समय किया गया श्राद्ध 7 पीढ़ियों के पूर्वजों को तृप्त करता है. पूर्वज मोक्ष को प्राप्त होते हैं.
पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए पौष अमावस्या पर अन्न, चावल, दूध, घी, कंबल, धन का दान करें. मान्यता हैं कि पितृ दोष से जीवन संकटों से घिर रहता है, लेकिन अमावस्या पर किया श्राद्ध कर्म इससे मुक्ति दिलाता है और वंश में वृद्धि होती है.
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पितृ दोष या फिर पूवर्जों की नाराजगी के कारण परिवार की तरक्की रूक जाती है. वहीं मांगलिक कार्य में बाधाएं आने लगती है. पौष अमावस्या पर पीपल को जल में दूध, चावल, काले तिल मिलाकर सीचें. शाम को पीपल के नीचे तेल का दीपक लगाएं. इससे जीवन का अंधकार समाप्त होता है.
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By Radheshyam Kushwaha
राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.
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