देश की सेवा में लग जायें
Updated at : 03 Feb 2017 6:44 AM (IST)
विज्ञापन

यदि कोई देश अपने यहां वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, कामगारों इत्यादि को अपनी आवश्यकता के अनुसार प्रवेश देता है, तो क्या इसका मतलब यह लगाना चाहिए कि उस देश में प्रवेश पाने का यह सिलसिला अनंत काल तक जारी रहना चाहिए? विकासशील देशों से पलायन करके विदेशों में जा बसे महानुभाव उन देशों के विकास में अपनी […]
विज्ञापन
यदि कोई देश अपने यहां वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, कामगारों इत्यादि को अपनी आवश्यकता के अनुसार प्रवेश देता है, तो क्या इसका मतलब यह लगाना चाहिए कि उस देश में प्रवेश पाने का यह सिलसिला अनंत काल तक जारी रहना चाहिए?
विकासशील देशों से पलायन करके विदेशों में जा बसे महानुभाव उन देशों के विकास में अपनी भूमिका का बखान करते हुए अपनी पीठ थपथपाते फूले नहीं समाते हैं, लेकिन किसी देश को अल्प या दीर्घ अवधि के लिए विदेशी विद्वानों की जरूरत महसूस नहीं हो रही हो, तो उसे अपने नियम बदलने के लिए बाध्य करना कहां का न्याय होगा? जिस सेवाभाव से हम विदेशों में काम करते हैं वैसी भावना अपने देश में दिखानी चाहिए. सिंगापुर की सड़कों के किनारे थूकने से परहेज करनेवालों को अपने देश की सड़कों पर थूकने से पहले सोचना चाहिए. साथ ही विकासशील देशों में अपने धर्मस्थल संभाले नहीं जाते, लेकिन यहां की दोहरी नागरिकता वाले महानुभावों में विदेशों में धर्मस्थल बनाने की होड़ क्यों है?
अभी तो ट्रंप के बाद सिर्फ कुवैत ने पांच देशों के नागरिकों पर बंदिश लगाई है. अभी भी सचेत होकर सभी विकासशील के नागरिक अपने देश की सेवा में लग जायें, सब का भला होगा.
लोकेश कुमार, धनबाद
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




