आत्माभिव्यक्ति से ही मिलती है शांति
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :23 May 2015 5:41 AM (IST)
विज्ञापन

सांसारिक वस्तुओं में अपना सुख तलाशना ही मनुष्य के दुखों का मूल कारण है. हम अपना सारा जीवन धन, वैभव, पद, प्रतिष्ठा अजिर्त करने में लगा देते हैं, परंतु इनको प्राप्त कर लेने के बाद भी मन अशांत रहता है. मानसिक शांति और आत्म संतोष प्राप्त नहीं होता. मैंने भी सुख प्राप्ति के अनेक भौतिक […]
विज्ञापन
सांसारिक वस्तुओं में अपना सुख तलाशना ही मनुष्य के दुखों का मूल कारण है. हम अपना सारा जीवन धन, वैभव, पद, प्रतिष्ठा अजिर्त करने में लगा देते हैं, परंतु इनको प्राप्त कर लेने के बाद भी मन अशांत रहता है. मानसिक शांति और आत्म संतोष प्राप्त नहीं होता. मैंने भी सुख प्राप्ति के अनेक भौतिक उपाय किये, जो संसार के अनुसार परम सुख देनेवाले हैं.
इनसे सुख प्राप्त भी हुआ, परंतु क्षणिक एवं अस्थायी. इसका सबसे नकारात्मक पहलू यह था कि इससे मेरी लालसा एवं इच्छा शांत होने के बजाय और बढ़ गयीं. भौतिक सुख की प्राप्ति एवं अपने मानसिक व शारीरीक उद्वेगों की खातिर मनुष्य कई अपराध करता है, पर आत्म संतोष यहां भी नहीं मिलता. मन को शांति व आत्म सुख प्रदान करना सबसे महत्वपूर्ण है. ये मुङो केवल एकांत में आत्मा से संपर्क स्थापित करने से ही प्राप्त हुआ.
नवनीत कौर सामरा, बेरमो, बोकारो
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




