धर्म के धंधेबाजों से दूर रहना जरूरी

Published at :09 Mar 2015 3:35 AM (IST)
विज्ञापन
धर्म के धंधेबाजों से दूर रहना जरूरी

यदि कोई व्यक्ति ईमानदारी के साथ सत्य, संयम, त्याग, प्रेम, दया, करुणा, अहिंसा, धीरज जैसे सद्गुणों के पालन का प्रयास करता है, तो उसे कोई अनावश्यक कर्मकांड करने की जरूरत नहीं है. वैसे भी कर्मकांड फिजूलखर्ची के सिवा और कुछ भी नहीं हैं. इन गतिविधियों का सांस्कृतिक महत्व हो सकता है, पर ये जिस प्रकार […]

विज्ञापन
यदि कोई व्यक्ति ईमानदारी के साथ सत्य, संयम, त्याग, प्रेम, दया, करुणा, अहिंसा, धीरज जैसे सद्गुणों के पालन का प्रयास करता है, तो उसे कोई अनावश्यक कर्मकांड करने की जरूरत नहीं है. वैसे भी कर्मकांड फिजूलखर्ची के सिवा और कुछ भी नहीं हैं.
इन गतिविधियों का सांस्कृतिक महत्व हो सकता है, पर ये जिस प्रकार से संपादित किये जाते हैं, उससे आध्यात्मिकता नहीं झलकती. आचरण की शुद्धता के अभाव में ये व्यर्थ ही प्रतीत होते हैं. अब समय आ गया है कि सभी धर्मो के अनुयायी सात्विक एवं कर्तव्यपरायण बनें. कुरीतियों का हमेशा विरोध होना चाहिए और धर्म के धंधेबाजों से दूरी बनाये रखी जानी चाहिए. इनसे दूरी बनाये रखने से लोक कल्याण की आस जगती है. एक सुव्यस्थित समाज के लिए यही सफलता का रहस्य है. इसे हर किसी को अपनाना चाहिए.
मनोज कुमार, चौपारण
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola