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ranchi

  • Feb 20 2019 9:07AM
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रांची : जैविक खेती समय की मांग है इसे बढ़ावा देने पर होगा विचार

हरेक क्षेत्र में पैसा कमाने की प्रवृत्ति के कारण बदली है जीवन शैली 
सरकार के खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के कारण मजदूरों की हो गयी है कमी 
रांची : विष मुक्त जैविक खेती पर प्रशिक्षण सह ग्रीन पैराडाइज क्लब के उद्घाटन के मौके पर नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि जैविक खेती समय की मांग है. शहरी क्षेत्रों में इसको कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है, इस पर सरकार विचार करेगी. हरेक क्षेत्र में पैसा कमाने की प्रवृत्ति के कारण जीवन शैली बदली है. इससे पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है. 
 
इसे बचाने के लिए काम करना होगा. समारोह का आयोजन मंगलवार को होटल लैंड मार्क में किया गया. श्री सिंह ने कहा कि कृषि में क्रांति तो आयी है, लेकिन इसका खमियजा भी भुगतना पड़ रहा है. सरकार के खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के कारण मजदूरों की कमी हो गयी है. सरकार चाहती है कि कोई भूख से नहीं मरे, इसके लिए इस तरह के कार्यक्रम चलाये जाते हैं. 
 
सीसीएल की कॉलोनियों में जैविक खेती का प्रयास होगा : सीसीएल के निदेशक कार्मिक आरएस महापात्र ने कहा कि आनेवाली पाढ़ी को हम क्या दे रहे हैं, यह सोचने की जरूरत है. हमारे पूर्वजों ने जो हमारे लिए छोड़ा था, उसे 50-60 साल में हमने नष्ट कर दिया. नदियां प्रदूषित हो गयीं. पेड़-पौधे नहीं बच रहे हैं. ऐसी ही कार्यशैली रही तो दुनिया खत्म हो जायेगी. सीसीएल भी कोशिश करेगा कि कॉलोनियों में जैविक खेती हो. कंपनी की कुल 85 कॉलोनियां पूरे राज्य में हैं. 
 
आइआइएनआरजी के निदेशक केके शर्मा ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या के कारण रासायनिक खेती शुरू हुई थी. इससे दूर होने का समय आ गया है.
 
हार्प प्लांडू के प्रमुख एके सिंह ने कहा कि खेतों में रसायन के ज्यादा प्रयोग से नुकसान हुआ है. इसमें बदलाव कर भी अच्छा उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है. ओफाज के सीइओ राजीव कुमार ने कहा कि राज्य में करीब 40 हजार हेक्टेयर में जैविक खेती हो रही है. 
 
इसके लिए विभाग क्लस्टर बनाकर काम कर रहा है. अतिथियों का स्वागत झारखंड एग्रो चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आनंद कोठारी ने की. इस मौके पर पूर्व पशुपालन निदेशक डॉ रजनीकांत तिर्की ने भी विचार रखे.
 

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