Advertisement

Others

  • Jun 19 2019 7:44PM
Advertisement

अमेरिकी नौसेना विशेषज्ञ का दावा : ईरान के विस्फोटकों से मिलता-जुलता है टैंकर हमले में इस्तेमाल विस्फोटक

अमेरिकी नौसेना विशेषज्ञ का दावा : ईरान के विस्फोटकों से मिलता-जुलता है टैंकर हमले में इस्तेमाल विस्फोटक
अमेरिकी नौसेना में विस्फोटक विशेषज्ञ कमांडर सीन किडो. फोटो साभार : फॉर्च्यून.कॉम

फुजैरा (संयुक्त अरब अमीरात) : अमेरिकी नौसेना के एक विस्फोटक विशेषज्ञ कमांडर सीन किडो ने बुधवार को कहा कि पिछले सप्ताह होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक जापानी तेल टैंकर पर हमले के लिए जिस लिम्पेट माइन (विस्फोटक) का इस्तेमाल हुआ, वह ईरान के विस्फोटकों से मिलता-जुलता है. ईरान ने बीते गुरुवार को हुए हमले में अपना हाथ होने से इनकार किया है.

इसे भी देखें : ओमान की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हमलों के लिए ईरान ‘जिम्मेदार’: अमेरिका

जापानी तेल टैंकर ‘कोकुका करेजियस' और नॉर्वे के स्वामित्व वाला तेल टैंकर ‘फ्रंट अल्टेयर' हमले की चपेट में आये थे. कमांडर सीन किडो की टिप्पणियां ऐसे समय आयी हैं, जब नौसेना ने संवाददाताओं को मलबे और एक चुंबक के टुकड़े दिखाये. नौसेना का कहना है कि इन चीजों को ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड ओमान की खाड़ी में 13 जून को टैंकरों पर हमले के बाद एक बिना फटे लिम्पेट माइन को साथ ले जाने के दौरान पीछे छोड़ गये. ईरान ने अमेरिकी नौसेना के इस दावे को भी खारिज किया है.

किडो ने यह भी कहा कि ‘कोकुका करेजियस' को हुआ नुकसान ऐसा नहीं है, जैसा किसी उड़ती हुई चीज के हमले में होता है. उनकी यह टिप्पणी टैंकर मालिक के उस बयान के बावजूद आयी है, जिसमें कहा गया था कि नुकसान ‘उड़ती हुई चीजों' के हमले में हुआ. इस बीच, इराक के दक्षिणी बसरा प्रांत में एक तेल स्थल पर बुधवार की सुबह रॉकेट हमला हुआ, जिसमें तीन स्थानीय कर्मचारी घायल हो गये. इनमें से एक की हालत गंभीर है. रॉकेट एक्सॉन मोबिल और अन्य विदेशी तेल कंपनियों से संबंधित एक परिसर में गिरा.

Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement