Advertisement

lucknow

  • Sep 21 2019 4:47PM
Advertisement

वकीलों की हड़ताल के चलते नहीं दाखिल हो पायी चिन्मयानंद की जमानत अर्जी

वकीलों की हड़ताल के चलते नहीं दाखिल हो पायी चिन्मयानंद की जमानत अर्जी

शाहजहांपुर : कानून की छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोपी पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद की जमानत की अर्जी शनिवार को वकीलों की हड़ताल की वजह से दाखिल नहीं हो सकी. उधर दूसरी ओर, जेल में चिन्मयानंद की पहली रात आराम से कटी और वह पांच घंटे सोये और सुबह उठकर एक घंटे ध्यान भी लगाया. जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि स्वामी चिन्मयानंद को शुक्रवार को जिला कारागार लाया गया था. उन्होंने बताया कि चिन्मयानंद को कोई भी वीआईपी सुविधा नहीं दी जा रही है. चिन्मयानंद साधारण कैदियों की तरह बैरक में अन्य बंदियों के साथ रह रहे हैं.

वहीं, एसआईटी सूत्रों ने बताया कि चिन्मयानंद मामले में पांच करोड़ रूपये की रंगदारी मांगने वाले आरोपी संजय, विक्रम और सचिन के अलावा ‘मिस ए' (पीड़िता) भी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत पीड़िता का नाम बताया नहीं जा सकता. चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने बताया कि शनिवार होने के कारण यहां जिला अदालत के अधिवक्ता हड़ताल पर रहते हैं. अधिवक्ता लंबे समय से शाहजहांपुर को लखनऊ हाईकोर्ट की पीठ से जोड़ने की मांग कर रहे हैं. इसीलिए प्रत्येक शनिवार को यहां के अधिवक्ता हड़ताल पर होते हैं.

उन्होंने कहा कि वकीलों की साप्ताहिक हड़ताल के चलते शनिवार को चिन्मयानंद की जमानत अर्जी दाखिल नहीं की जा सकी. स्वामी चिन्मयानंद को उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार को शाहजहांपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था. इससे कुछ सप्ताह पहले उनके एक कॉलेज की विधि की एक छात्रा ने उन पर बलात्कार के आरोप लगाये थे.

Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement