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hazaribagh

  • Aug 22 2019 8:19AM
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हजारीबाग में चार माह से अगवा युवती का शव जंगल से बरामद

हजारीबाग में चार माह से अगवा युवती का शव जंगल से बरामद
इचाक (हजारीबाग) : हजारीबाग के इचाक मोड़ के पास से 13 अप्रैल 2019 को अगवा दलित युवती रूबी कुमारी का नर कंकाल चार माह बाद बुधवार को नगवां के रोतरा जंगल से बरामद किया गया. इचाक पुलिस ने जेसीबी से जमीन की खुदाई करवायी, तब कंकाल मिला.  परिजनों ने जींस पैंट व टी-शर्ट भी मृतका की पहचान की. इस हत्याकांड में फरार जेसीबी चालक शशिकांत मेहता की गिरफ्तारी से पूरे मामले का खुलासा हुआ. 
 
उसने बताया कि दलित युवती रूबी को प्रेमी राहुल मेहता  व उसके परिवार के सदस्य बहू नहीं बनाना चाहते थे. इसलिए सभी ने मिलकर रूबी की हत्या कर दी. इस मामले का मुख्य आरोपी व रूबी का प्रेमी राहुल मेहता को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं राहुल का बड़ा भाई  रवि कुमार मेहता और पिता लखन महतो ने भी कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. 
 
दलित युवती को बहू नहीं बनाना चाहता था मेहता परिवार : एक दिसंबर 2017  को रूबी के परिजनों ने  राहुल मेहता पर शादी का प्रलोभन देकर यौन  शोषण का आरोप लगाते हुए मामला  दर्ज कराया था. 
 
इस मामले में पुलिस ने राहुल मेहता को गिरफ्तार  कर जेल भेज दिया. जेल से  बाहर आने के बाद उसने रूबी के परिजनों पर केस  उठाने के लिए दबाव बनाना शुरू किया. वहीं शादी करने को तैयार हो गया. िफर साजिश के तहत उसने रूबी की हत्या कर दी. युवती के परिजनों का कहना था कि राहुल  उसकी बेटी से शादी करे,  तो केस वापस कर लेंगे. 
 
इस बीच एक साजिश के तहत  राहुल के परिजनों ने रूबी  से शादी के एकरारनामा पर हस्ताक्षर करा लिया.  इसके बाद रूबी को विश्वास हो  गया कि राहुल उससे शादी करेगा. 13 अप्रैल की रात रामनवमी मेला देख कर हजारीबाग से अपने गांव बोंगा इचाक लौट रही रूबी को रास्ते में राहुल मिला. इसके बाद भरोसा देकर रोतरा जंगल में ले गया. 
 
वहां ले जाने के बाद परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर उसने रूबी की गला दबा कर हत्या कर दी. फिर शव को जमीन में दफना दिया. वहीं, रूबी के पिता सुखदेव भुइयां और छोटा भाई नि:शक्त हैं. घर में एक भाई और है, उसी की कमाई से घर चलता है.
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