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giridih

  • Aug 23 2019 7:58AM
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जनता को बरगला रहा झामुमो : मेयर

 गिरिडीह : मेयर सुनील पासवान का जाति प्रमाण पत्र रद्द किये जाने के बाद झामुमो-भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप चल रहा है. इस मामले में मेयर श्री पासवान ने गुरुवार को अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता कर झामुमो पर कई गंभीर आरोप लगाते सफाई दी है. 

 
मेयर ने कहा कि नगर निगम चुनाव में जिस तरह से जनता ने उनपर भरोसा कर उन्हें समर्थन दिया है, उनके भरोसे को कभी टूटने नहीं दूंगा. उन्होंने कहा कि झारखंड म्युनिसिपल एक्ट 2011 के तहत जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए जो दस्तावेज मांगे गये थे, वह सभी कागजात मैंने जमा किये थे.
 
 प्रमाण पत्र बनाने के वक्त अधिकारियों ने भी कागजात की जांच की होगी. उस वक्त हमारा दस्तावेज क्यों रद्द नहीं किया गया. झामुमो बार-बार यह आरोप लगा रहा कि मैंने जाति प्रमाण पत्र बनाने में फर्जीवाड़ा किया है, जो बिल्कुल ही गलत और निराधार है. कहा कि अभी यह मामला कोर्ट में लंबित है जिसका नंबर डब्लूपीसी 3734/19 है, जिसे कोई भी ऑनलाइन देख सकता है.
 
 कहा कि झामुमो यह साबित कर दे कि कोर्ट में मामला खारिज हो चुका है. मेयर ने कहा कि जब मैंने 1995, 2005, 2010, 2015 व 2018 में जाति प्रमाण पत्र बनाया था तब-तक मेरी जाति ठीक थी, लेकिन इसके बाद मेरी जाति बदल गयी यह कौन साबित करेगा. कहा कि कोर्ट ने कार्मिक विभाग और छानबीन समिति से जवाब मांगा था, जिसमें सिर्फ कार्मिक विभाग ने ही अपना जवाब कोर्ट को दिया है 
 
अभी तक छानबीन समिति ने अपना जवाब कोर्ट में नहीं दिया है तो किस आधार पर मेरी जाती प्रमाण पत्र को रद्द किया गया है. कहा कि 17 अगस्त को मेरा जाति प्रमाण पत्र रद्द किया गया है, जिसके बाद मैंने 19 अगस्त को फिर कोर्ट में फिर से रिमाइंडर डाला है. कहा कि झामुमो के नेता जनता को झूठे कागजात दिखाकर बरगला रहे हैं.
 
पढ़ाई के बाद कानून की बात करें झामुमो के लोग : विधायक
गिरिडीह विधायक निर्भय कुमार शाहाबादी ने कहा कि झामुमो के लोगों की उम्र अभी कानून की पढ़ाई करने की है. पहले झामुमो के लोग कानून की पढ़ाई को ले उसके बाद कानून की बात करें. श्री शाहाबादी ने कहा कि मामला अभी कोर्ट में है और भाजपा झामुमो को यह चुनौती देती है कि मामले की लड़ाई करने के लिए कोर्ट में आयें. 
 
अगर इसके बाद मेयर का जाति प्रमाण पत्र गलत पाया जायेगा तो मेयर खुद इस्तीफा दे देंगे. कहा कि झामुमो के लोग पहले अपने गिरेबां में झांक कर देख ले, उसके बाद किसी पर आरोप लगाये. श्री शाहाबादी ने कहा कि झामुमो के नेताओं के खिलाफ एसीबी जांच कर रहा है तो झामुमो के नेता खुद इस्तीफा क्यों नहीं दे देते हैं. 
 
झामुमो का दोहरा चरित्र ठीक नहीं : सुनील
भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने कहा कि झामुमो का दोहरा चरित्र ठीक नहीं है. पहले वह अपने चरित्र को सुधार ले, उसके बाद किसी पर आरोप लगाये. झामुमो के सैकड़ों नेताओं के खिलाफ कोर्ट में मामला चल रहा है तो वे लोग क्यों नहीं इस्तीफा दे रहे हैं. 
 
नगर निगम के चुनाव में झामुमो के मेयर पद के प्रत्याशी प्रमिला मेहरा के द्वारा जो खतियान जमा किया गया है, उसमें उन्हें खतियान का वंशज माना ही नहीं गया है, जिसे खुद अंचलाधिकारी ने अपने जवाब में साफ दर्शाया है. तो फर्जीवाड़ा कौन कर रहा है भाजपा या झामुमो. इस तरह का दोहरा चरित्र झामुमो के लिए ठीक नहीं है.  
 
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