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crime

  • Jul 10 2019 1:50AM
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फेसबुक दोस्त के चक्कर में फंसी लापता नाबालिग बरामद

फेसबुक दोस्त के चक्कर में फंसी लापता नाबालिग बरामद

कालिम्पोंग : फेसबुक दोस्त के चक्कर में पड़कर 19 जून को सिक्किम से लापता एक 15 वर्षीय नाबालिग को उत्तर प्रदेश से अनुज्ञालय दार्जिलिंग सोसायटी एवं यूपी पुलिस की मदद से सुरक्षित बरामद कर लिया गया. नाबालिग लड़की के लापता होने के बाद 20 जून को अनुज्ञालय  दार्जिलिंग सोसाइटी के बाल संरक्षण अधिकारी सीपीओ तेज कुमार थापा को सिक्किम पुलिस से लड़की के लापता होने की जानकारी मिली, लापता की शिकायत दर्ज कराने के बाद सिक्किम पुलिस और अनुज्ञालय दार्जिलिंग ने कार्रवाई कर छानबीन शुरू किया. जिसमें लापता लड़की के ट्रेन में यात्रा होने की जानकारी मिली.

उसके बाद सीपीओ ने ट्रेन मार्ग की जांच की. उसके अनुसार ट्रेन को पटना और मुगलसराय में रेलवे हेल्पलाइन, रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे चिल्ड्रेन को जानकारी साझा की गई. लेकिन उसका पता नहीं चल सका. दौरान जांच के दौरान सिक्किम पुलिस को सीपीओ के साथ साझा करने पर बाद में अधिक जानकारी मिली. घटना के बारे में मिली जानकारी के अनुसार नाबालिग लड़की को उत्तर प्रदेश के एक फेसबुक मित्र ने लालच दिया था. वह फेसबुक के माध्यम से लगातार लड़की के संपर्क में था. लड़के के ध्यान और देखभाल के व्यवहार ने उसे अपनी ओर आकर्षित किया.

जिसके बाद एक दिन वह घर से निकल गयी और गैर-परिचित गंतव्य की ओर रवाना हो गयी. 23 जून 2019 को बाल संरक्षण अधिकारी ने पुलिस अधीक्षक और चाइल्ड लाइन  बिलासपुर के साथ सूचना साझा की. चिल्ड्न ने बिलासपुर और कोट पुलिस स्टेशन ने नैना देवी क्षेत्र के पास अभियान चलाया. दुर्भाग्य से वे लोग वहां से निकल गये थे. 27 जून को फिर लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में होने का पता चला.

सीपीओ ने तुरंत महानिरीक्षक (आईजी), महानिरीक्षक (डीआईजी), एसएसपी एससीपीसीआर और श्री किशोर भामरे, वल्नरेबल के लिए प्रथम परिषद के निदेशक को एक ईमेल लिखा. 29 जून 2019 को लगभग 12:35 बजे ट्रेस किए गए स्थान पर यूपी पुलिस और टीम प्रथम  (एनजीओ) द्वारा एक संयुक्त छापेमारी और बचाव अभियान चलाया गया था. जिसके बाद पुलिस ने नाबालिग को बचाने में सफलता हासिल की.

 इसके साथ ही उक्त लड़की को भी गिरफ्तार किया गया. लखनऊ के आशियाना पुलिस स्टेशन में कानूनी कार्यवाई पूरी होने के बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), लखनऊ के आदेश से नाबालिग लड़की को घर भेज दिया गया. 3 जुलाई 2019 को बाल कल्याण समिति द्वारा बचायी लड़की को सिक्किम पुलिस को सौंप दिया गया. सिक्किम पुलिस ने सत्र न्यायालय, लखनऊ से आरोपी व्यक्ति को भी हिरासत में ले लिया.
 
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