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crime

  • Apr 23 2019 1:39AM

भोजपुरी फिल्म के लिए रुपये जुगाड़ने को रची थी अपहरण की साजिश

 झाझा से गिरफ्तार अपहरण के आरोपियों ने किया खुलासा

अपहृत किशोर को खरीदना था बाइक और मामा को बनानी थी भोजपुरी फिल्म

दोनों को मोटी रकम की थी तलाश, मिल कर रची अपहरण की साजिश

हिंदी क्राइम स्टोरी से आया आइडिया

कोलकाता : भोजपुरी फिल्म बना कर मोटी रकम कमाने के लिए मामा-भांजे ने मिलकर खुद के अपहरण की साजिश रची थी. बिहार के झाझा से गिरफ्तार आरोपी मामा मनीष कुमार चौरसिया (22) ने पुलिस के सामने इसका खुलासा किया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी मनीष ने बताया कि उसे भेजपुरी फिल्म बना कर मोटी रकम कमाने की इच्छा थी. इधर उसके 15 वर्षीय भांजे को बाइक लेना था, घरवाले उसे बाइक लेने के लिए रुपये नहीं दे रहे थे. इसके कारण दोनों ने मिल कर अपहरण का प्लान बनाया. 

हिंदी क्राइम स्टोरी से अपहरण का मिला आइडिया : आरोपियों ने बताया कि डेढ़ महीने से वे अपहरण की साजिश रच रहे थे. हाल ही में हिंदी क्राइम सीरियल देख कर उसे अपहरण करने के तरीके का आइडिया मिला. इसके बाद दोनों ने अपने साथ एक अन्य साथी सुमित कुमार दूबे को इस साजिश में शामिल किया. तीनों मिल कर अपहरण का दिन, तरीका और जगह तय किये. उम्र कम होने के कारण 15 वर्षीय भगिना का ही अपहरण किया जायेगा, यह भी तय हो गया. इसके बाद 14 अप्रैल को तय समय पर अपहरण की वारदात को अंजाम दिया गया.

कूली के वेश में स्टेशन दर स्टेशन पीछा कर पुलिस ने पकड़ा : पुलिस सूत्रों के मुताबिक जोड़ासांको थाने में इसकी शिकायत मिलने के बाद लालबाजार के एआरएस की टीम ने फिरौती की रकम मांगने का फोन आने के बाद तीनों का मोबाइल फोन ट्रेस किया तो नेटवर्क आसनसोल स्टेशन के पास मिला. वहां से जसीडीह फिर झाझा मोबाइल टावर का लोकेशन मिला. इसके बाद पुलिस कूली के वेश में पहले आसनसोल, फिर बिहार के जसीडीह, वहां से झाझा, उसके बाद पटना कूली के वेश में पहुंची और रुपये देने के बाद अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया. 

आरोपियों पर फिरौती मांगने का भी दर्ज होगा मामला : कोलकाता पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि दोनों गिरफ्तार आरोपियों को झाझा से कोलकाता लाकर उन्हें बैंकशाल कोर्ट में पेश किया गया, वहां उन्हें चार मई तक पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया गया है. इधर अपहरण के मामले में शामिल अपहृत 15 वर्षीय किशोर को भी हिरासत में लेकर जुवैनाइल जस्टिस बोर्ड में पेश किया गया. वहां से उसे सात दिनों के लिए होम में भेजा गया है. अपहरण के पीछे के कारणों का खुलासा होने के बाद से पीड़ित परिवार के सदस्य परेशान हैं. उनके घर में पलने वाले बच्चे ऐसा करेंगे, इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी.

 

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