calcutta

  • Jan 26 2020 2:30AM
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श्री माहेश्वरी विद्यालय को अंतर्राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में तीसरा स्थान

 कक्षा आठ के छात्र ने दिलाया देश को कांस्य पदक

कोलकाता : श्री माहेश्वरी विद्यालय के आंठवीं कक्षा के छात्र ऋतिक राज चौबे ने अंतर्राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता के 35 किलो वर्ग (जूनियर) में तृतीय स्थान हासिल कर देश को कांस्य पदक दिलाया. भारत सरकार के युवा कल्याण और खेल मंत्रालय तथा अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा मान्यता प्राप्त ग्लोबल शोटोकन कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में भूटान, बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका और नेपाल से चयनित छात्रों के बीच पांचवे नेताजी सुभाष कप 2020 के लिए मुकाबला हुआ.
 
 श्री माहेश्वरी विद्यालय के ऋतिक ने गत वर्ष जूनियर नेशनल खिताब अपने नाम कर प्रतियोगिता के लिए अपना दावा पेश किया था. विद्यालय मंत्री केशव कुमार भट्टड़ ने खुशी प्रकट करते हुए कहा कि किसी भी विद्यालय की पहचान उसके छात्रों से होती है. ऋतिक में इस खेल के प्रति अनुराग और कुछ कर गुजरने की लालसा को विद्यालय ने समझा और अपना दायित्व निभाया. स्कूल अपने छात्र के साथ खड़ा है और भविष्य में भी खड़ा रहेगा. यह उपलब्धि ऋतिक की कड़ी मेहनत और लगन का नतीजा है. 
 
श्री माहेश्वरी विद्यालय के अध्यक्ष बुलाकी दास भैया ने ऋतिक की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके छात्र ने विद्यालय का नाम ऊंचा किया है. उन्होंने ऋतिक को सालाना शिक्षा-वजीफा देकर पुरस्कृत करते हुए कहा कि प्रतिदिन ईश्वर का आभार मानते हुए अपने माता पिता को प्रणाम कर दिन की शुरुआत करनी चाहिए, ससम्मान शिक्षकों के शिक्षा निर्देशों का पालन करें तो जीवन में सब कुछ मिलेगा. 
 
अभिभावक प्रतिनिधि प्रकाश चंद्र मुंधडा और सुरेन्द्र कुमार डागा ने प्रबंधन समिति की तरफ से ऋतिक का सम्मान किया और गणतंत्र दिवस समारोह में ऋतिक को कला प्रदर्शन के लिए आमंत्रित किया. विद्यालय ने ऋतिक को आगे की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए सहयोगिता का दायित्व लिया. सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित शिक्षक-प्रभारी राम बहादुर पांडेय ने ऋतिक की जीत पर खुशी प्रकट करते हुए उसकी लगन और मेहनत की सराहना की. 
 
स्थानीय हिंदमोटर निवासी प्रभुनाथ चौबे ने पुत्र की इस उपलब्धि पर विद्यालय मंत्री से मुलाक़ात कर अपना आभार प्रकट करते हुए कहा कि विद्यालय ने अपने छात्र के साथ खड़े होकर उसे आगे बढाया है. सामान्य परिवार के बेटे की यह बड़ी उपलब्धि है.
 
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