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calcutta

  • Aug 21 2019 4:03AM
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माकपा से भी ज्यादा बढ़ा तृणमूल कैडरों का जुल्म

प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित सम्मान कार्यक्रम में फिर बरसे शोभन, कहा

34 वर्षों में माकपा कैडरों के अत्याचार की सीमा को आठ वर्षों में ही तृणमूल कैडरों ने किया पार

मुख्यमंत्री की तानाशाही नीति के कारण ही आठ महीने पहले सरकार की सभी गतिविधियों से हो गये थे दूर 

निष्पक्ष चुनाव होता तो हिल जाती मुख्यमंत्री की कुर्सी
 
कोलकाता : 14 अगस्त को दिल्ली में भाजपा का दामन थामने के बाद कोलकाता नगर निगम के पूर्व मेयर व राज्य के पूर्व मंत्री शोभन चटर्जी व उनकी करीबी दोस्त बैशाखी बनर्जी काे मंगलवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में सम्मानित कर उन्हें देश भाजपा का हिस्सा बना लिया गया. इस दौरान भी शोभन चटर्जी ने मुख्यमंत्री व तृणमूल नेता ममता बनर्जी की नीतियों के खिलाफ जमकर हमला बोला. 
 
शोभन ने कहा : इस बार लोकसभा चुनाव अगर निष्पक्ष तरीके से होते, तो नवान्न में बैठनेवालीं मुख्यमंत्री की कुर्सी हिल जाती. 2021 में होनेवाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री को जनता का रोष दिखेगा. शोभन का आरोप है कि लोकसभा चुनाव में कई जगहों पर नतीजे बताते हैं कि आम जनता को अपने मत का प्रयोग करने नहीं दिया गया. जहां जनता ने अपने मत का प्रयोग किया, वहां तृणमूल को हार का सामना करना पड़ा. इसी कारण भाजपा को राज्य में जनता ने दो सीटों से 18 सीटों में पहुंचा दिया. 
 
शोभन का आरोप है कि गत 34 वर्षों में माकपा के कैडरों ने अत्याचार की उस सीमा को पार नहीं की थी, जो इन आठ वर्षों में तृणमूल के कैडरों ने पार कर दी है. माकपा के शासनकाल में विरोधी पार्टी के नेताओं व समर्थकों पर उतने अत्याचार नहीं होते थे, जो अब तृणमूल के शासनकाल में हो रहा है. इन्हीं, सब तानाशाही नीतियों के कारण मैंने गत वर्ष नवंबर महीने में ही मंत्रीपद व मेयर पद छोड़ दिया था. आठ महीने से सरकार की सभी गतिविधियों से खुद को दूर रखा हूं. 
 
इसी बीच, भाजपा के राज्य अध्यक्ष दिलीप घोष व अन्य पार्टी के नेताओं से मुझे जो अपनापन मिला, इस कारण जनता की सेवा व राज्य की उन्नति के लिए भाजपा में शामिल हुआ हूं. जनता की सेवा के लिए पार्टी मुझे जो दायित्व देगी, उसे सिर झुकाकर पूरा करूंगा.
 
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