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bhojpur

  • Sep 13 2019 3:45AM
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विधायक की गिरफ्तारी में जुटीं कई एजेंसियां

 आरा : भोजपुर के चर्चित सेक्स रैकेट के मामले में पीड़िता द्वारा विधायक अरुण यादव के नाम लेने के बाद विधायक की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. बुधवार की रात विधायक के पटना आवास स्थित फ्लैट पर पुलिस ने छापेमारी की थी. गुरुवार को उनके पैतृक गांव तथा कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गयी, लेकिन विधायक नदारद मिले. ऐसी चर्चा है कि विधायक भूमिगत हो गये हैं. 
 
हालांकि विधायक की गिरफ्तारी को लेकर भोजपुर पुलिस की एसआइटी टीम, आर्थिक अपराध इकाई तथा सीआइडी की टीम भी जुटी हुई है. पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द विधायक को गिरफ्तार कर लिया जायेगा. इधर कांड के अनुसंधानकर्ता द्वारा कोर्ट में वारंट को लेकर आवेदन दिया गया है. हालांकि अभी तक आवेदन पर अनुमति नहीं मिली है. उम्मीद जतायी जा रही है कि बहुत जल्द अनुमति पुलिस को मिल जायेगी. 
 
बता दें कि दो माह पहले जिले के नगर थाना क्षेत्र के कबीरगंज मठिया की एक नाबालिग बच्ची को अनिता नाम की एक महिला बहला फुसला कर पटना ले गये. पटना ले जाने के बाद उसे सेक्स रैकेट धंधे में उतार दिया. बच्ची को कई सफेदपो,  इंजीनियर, विधायक तथा रसूखदारों के पास भेजा जाता था. बच्ची को लखनऊ तक भी भेजा गया था. 
 
किसी तरह से जान बचाकर बच्ची आरा पहुंची और आरा पहुंचने के बाद अपनी आपबीती परिजनों को सुनायी, जिसके बाद भोजपुर पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करते हुए सेक्स रैकेट संचालिका अनिता देवी उसका सहयोगी संजीत कुमार तथा सेक्स  रैकेट का सरगना पटना निवासी संजय पासवान उर्फ गुरु जी, उर्फ जीजा जी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
 
 इस मामले में बच्ची द्वारा  फोटो पहचान की गयी, जिसके आधार पर एक इंजीनियर की गिरफ्तारी भी हुई. बच्ची ने शुरुआती दौर में एक  विधायक का  नाम लिया था, लेकिन बाद में बच्ची द्वारा स्पष्ट रूप से विधायक अरुण यादव का नाम लिया गया. जिसके बाद एक्शन में पुलिस आयी.  
 
इधर बच्ची का बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए महिला आयोग ने बच्ची का बयान दर्ज किया और अनुसंधानकर्ता से पूरी जानकारी ली. कोर्ट में बयान दर्ज होने के बाद एक्शन में आयी पुलिस ने विधायक की गिरफ्तारी को लेकर लगातार प्रयास कर रही है. गुरुवार के दिन कोर्ट के बंद होने से पुलिस वारंट नहीं ले पायी. आज हो सकता है कि वारंट मिल जाये.
 
सूत्रों की मानें, तो विधायक अरुण यादव अपने पार्टी के वरिष्ठ नेता से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसी चर्चा है कि वरिष्ठ नेता के आदेश के बाद ही आगे की रणनीति तैयार की जायेगी. ऐसी चर्चा है कि पार्टी के आलाकमान से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है, लेकिन सूत्रों की मानें, तो लगातार कोशिश जारी है.
 
 इधर अरुण यादव को लेकर पार्टी के कई नेता भी उनके पक्ष में उतर गये हैं. बड़हरा विधायक सरोज यादव से लेकर, राजद के वरिष्ठ नेता भाई वीरेंद्र तक उतर गये हैं और उनका कहना है कि अरुण यादव को एक सुनियोजित साजिश के तहत फंसाया जा रहा है. बहरहाल पुलिस जांच के बाद ही मामला स्पष्ट होगा.
 
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