ePaper

हम न्यायिक व्यवस्था का मजाक बना रहे हैं, लंबित मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

Updated at : 04 Aug 2021 8:13 AM (IST)
विज्ञापन
हम न्यायिक व्यवस्था का मजाक बना रहे हैं, लंबित मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अदालतों में लंबित पड़े मामलों पर कड़ी टिप्पणी की है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आम आदमी केवल यह जानना चाहता है कि उसके मामले में क्या हो रहा है.

विज्ञापन

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने न्यायालय में लंबित पड़े मामलों पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि सामूहिक रूप से, हम न्यायिक प्रणाली का मजाक उड़ा रहे हैं. कोर्ट ने कहा कि एक आम आदमी को हमारी बारीकियों या बड़े कानूनी सिद्धांतों में कोई दिलचस्पी नहीं है, जिसके बारे में हम बात करते रहते हैं. एक वादी जानना चाहता है कि उसके द्वारा दायर किये गये मामले में उसके लिए क्या है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई भी आम आदमी यह जानने के लिए अनिश्चित काल तक प्रतीक्षा नहीं करना चाहता कि वह सही था या नहीं. 10 साल या 20 साल लगने वाले फैसले के साथ वह क्या करता है. जस्टिस संजय किशन कौल और हृषिकेश रॉय की बेंच ने यह टिप्पणी की.

न्यायमूर्ति कौल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में मैंने एक मामले को निपटाया है जिसमें दीवानी मुकदमा 45 वर्षों से लंबित था. हम पुराने मामले तय कर रहे हैं. निजी तौर पर, मैं पुराने मामलों को जल्द निपटाने की कोशिश कर रहा हूं ताकि उनमें से कम से कम कुछ में कम हो सके लेकिन हम विविध मामलों, अग्रिम जमानत, जमानत, अंतरिम राहत आदि से बमबारी कर रहे हैं और पुराने मामले को खत्म करने के लिए समय नहीं बचा पाते हैं.

Also Read: कोरोना की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं, 8 राज्यों में एक व्यक्ति से अधिक लोग हो रहे संक्रमित : स्वास्थ्य मंत्रालय

2 अगस्त तक सुप्रीम कोर्ट में 69,476 मामले लंबित थे. इसमें से 50,901 मामले (73 फीसदी) अंतरिम चरणों में राहत से संबंधित विविध मामले हैं. पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में एक दशक से अधिक पुरानी दीवानी और फौजदारी अपीलें लंबित हैं. हमें यह कहते हुए खेद है लेकिन कानूनी बिरादरी भी केवल इन अंतरिम राहत मामलों में रुचि रखती है. कोई भी अंतिम मामलों पर बहस नहीं करना चाहता. सामूहिक रूप से हम न्यायिक व्यवस्था का मजाक बना रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट मोटर दुर्घटना के मामलों में मुआवजे से संबंधित मामलों की सुनवाई कर रहा था. जब उसने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अंधाधुंध रूप से दायर किये जा रहे अंतरिम राहत के लिए आवेदनों और याचिकाओं के स्कोर पर नाराजगी जतायी.

Posted By: Amlesh Nandan.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola