Covid-19: कोरोना वायरस से ठीक हो चुका मरीज भी 2 हफ्ते तक लोगों को कर सकता है संक्रमित

Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 13 Jul 2020 9:33 PM

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नयी दिल्ली : कोरोनावायरस महामारी के बारे में देश-विदेश में हो रहे शोध में कई नये खुलासे हो रहे हैं. जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति के शरीर में यह वायरस दो सप्ताह तक रहता है. ऐसे में बीमारी से ठीक हुआ व्यक्ति अगले दो सप्ताह तक दूसरे लोगों को संक्रमित कर सकता है. एक शोध में ये बात सामने आयी है.

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नयी दिल्ली : कोरोनावायरस महामारी के बारे में देश-विदेश में हो रहे शोध में कई नये खुलासे हो रहे हैं. जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति के शरीर में यह वायरस दो सप्ताह तक रहता है. ऐसे में बीमारी से ठीक हुआ व्यक्ति अगले दो सप्ताह तक दूसरे लोगों को संक्रमित कर सकता है. एक शोध में ये बात सामने आयी है.

क्या कोरोनावायरस संक्रमण से ठीक हुए व्यक्ति के दोबारा संक्रमित होने के चांस हैं? ठीक होने के बाद वायरस कितने दिनों तक किसी के शरीर में रहता है? ऐसे ही सवालों का जवाब पाने के लिए ब्रिटेन और स्पेन में कई शोध किये गये हैं. इसमें यह बात सामने आयी है कि ठीक होने के 2 सप्ताह बाद तक वायरस मानव के शरीर में रहता है और संक्रमण का खतरा भी रहता है.

हालांकि, ठीक हो चुके व्यक्ति के लक्षण पर यह निर्भर करेगा कि वह किस प्रकार लोगों को संक्रमित करता है. जैसे अगर ठीक हो चुके व्यक्ति को अगले दो सप्ताह तक जुकाम और खांसी होती है तो संक्रमण का खतरा पूर्व की भांति ही होता है. ड्रॉपलेट्स से दूसरे लोग तेजी से संक्रमित हो सकते हैं. कोरोना ऐंटिबॉडीज पर रिसर्च में और भी कई जानकारियां सामने आयी हैं.

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एंटीबॉडीज पर की गयी अलग-अलग रिसर्च में यह पता चला है कि कोविड-19 के संक्रमण के खत्म हो जाने के बाद इस वायरस से लड़ने के लिए जो एंटीबॉडीज शरीर में बनते हैं, वह कुछ समय बाद खुद ही नष्ट हो जाते हैं. जिससे व्यक्ति के दोबारा संक्रमित होने की संभावना काफी बढ़ जाती है. एंटीबॉडीज पर की गयी यह रिसर्च ‘द गार्डियन’ में प्रकाशित की गयी है.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जब संक्रमित व्यक्ति के शरीर में कोरोना के लक्षण नजर आते हैं उसके बाद करीब 3 सप्ताह तक एंटीबॉडीज शरीर में बहुत बड़ी मात्रा में मौजूद रहते हैं. साथ ही ये एंटीबॉडीज लगातार बन रहे होते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस से लड़ने वाले ये एंटीबॉडीज लंबे समय तक शरीर में जीवित नहीं रहते. इस कारण जिस व्यक्ति को यह संक्रमण एक बार हो चुका है, वह दोबारा भी संक्रमित हो सकता है.

कोविड-19 के वैक्सीन के बारे में भी शोध में यही बात सामने आ रही है कि एक बार वैक्सीन लगा लेने से जीवन भर कोराना वायरस से नहीं बचा जा सकता है. कोरोना वायरस से बचने के लिए कुछ समय अंतराल पर बार-बार वैक्सीन लगवाते रहना होगा. तब शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाले एंटीबॉडीज मौजूद रहेंगे और व्यक्ति को कोरोना के संक्रमण से बचायेंगे.

Posted by: Amlesh Nandan Sinha.

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