बुजुर्गों को कोरोना संक्रमण से बचा सकता है यह टीका, पढ़ें ICMR की यह रिपोर्ट

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि कोरोनोवायरस संक्रमण से निपटने में बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए बेसिलस कैलमेटेग्यूरीन (बीसीजी) (BCG) टीकाकरण फायदेमंद हो सकता है. अध्ययन के अनुसार, बीसीजी टीकाकरण वृद्ध व्यक्तियों में बढ़ी हुई जन्मजात और अनुकूली प्रतिरक्षा जन्मजात को प्रेरित करता है जो कोविड -19 के खिलाफ फायदेमंद साबित हो सकता है.
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि कोरोनोवायरस संक्रमण से निपटने में बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए बेसिलस कैलमेटेग्यूरीन (बीसीजी) टीकाकरण फायदेमंद हो सकता है. अध्ययन के अनुसार, बीसीजी टीकाकरण वृद्ध व्यक्तियों में बढ़ी हुई जन्मजात और अनुकूली प्रतिरक्षा जन्मजात को प्रेरित करता है जो कोविड -19 के खिलाफ फायदेमंद साबित हो सकता है.
शोधकर्ताओं ने कहा कि “बीसीजी का टीकाकरण बुजुर्ग व्यक्तियों में कुल एंटीबॉडी का स्तर, विषम प्रतिरक्षा बढ़ाने के द्वारा SARS-Cov2 संक्रमण में इनकी रक्षा करता है. बीबीसी की एक समाचार रिपोर्ट ने पहले कहा था कि ब्रिटेन में वैज्ञानिकों ने दशकों पहले विकसित बीसीजी वैक्सीन का परीक्षण करना शुरू कर दिया है, ताकि यह देखा जा सके कि कोविड -19 संक्रमण को कमजोर करने के लिए इसका प्रभावी रूप से उपयोग किया जा सकता है या नहीं.
आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने एक शोध में पाया कि टीका बुजुर्गों में मेमोरी सेल प्रतिक्रियाओं और कुल एंटीबॉडी उत्पादन को बढ़ाता है. शोधकर्ताओं ने पाया कि बीसीजी टीकाकरण स्वस्थ बुजुर्ग व्यक्तियों में प्राकृतिक और अनुकूली प्रतिरक्षा को बढ़ाता है.
आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने बताया कि यूरोप और अमेरिका में शोध से पता चला है कि अधिक समय तक वायु प्रदूषण का सामना करने से कोविड-19 के कारण मौत के मामले बढ़ सकते हैं. उन्होंने कहा कि अध्ययन में पता चला है कि ‘‘वायरस के कण पीएम 2.5 पार्टिकुलेट मैटर के साथ हवा में रहते हैं लेकिन वे सक्रिय वायरस नहीं हैं.” भार्गव ने कहा, ‘‘यूरोप और अमेरिका में प्रदूषित क्षेत्रों और लॉकडाउन के दौरान मृत्यु दर की तुलना की गई और प्रदूषण के साथ उनका संबंध देखा तो पाया कि कोविड-19 से होने वाली मृत्यु में प्रदूषण का स्पष्ट योगदान है और इन अध्ययनों से यह अच्छी तरह साबित होता है.
दिल्ली सहित उत्तर भारत में हर वर्ष सर्दी के मौसम में वायु गुणवत्ता काफी खराब स्तर तक गिर जाती है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वायु प्रदूषण के उच्च स्तर से कोविड-19 महामारी की स्थिति और खराब हो सकती है. भार्गव ने कहा कि यह साबित तथ्य है कि प्रदूषण का संबंध मौत से है और कहा कि कोविड-19 और प्रदूषण से बचाव का सबसे सस्ता तरीका मास्क पहनना है. उन्होंने कहा कि ज्यादा प्रदूषण वाले शहरों में महामारी नहीं होने के बावजूद लोग मास्क पहनते हैं.
Posted By: Pawan Singh
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