विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारी में जुटी भाजपा, संगठन स्तर पर हो सकते हैं कई बदलाव

Updated at : 01 Jun 2021 9:54 AM (IST)
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारी में जुटी भाजपा, संगठन स्तर पर हो सकते हैं कई बदलाव

नयी दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विधानसभा चुनाव 2022 (Vidhansabha Chunav 2022) की तैयारी शुरू कर दी है. पार्टी के आला नेता युद्धस्तर पर संगठन के साथ चर्चा में जुट गये हैं. 2021 के विधानसभा चुनावों में अपेक्षाकृत परिणाम नहीं मिलने के बाद भाजपा का पूरा फोकस 2022 के विधानसभा चुनावों पर केंद्रित है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और गुजरात में 2022 में चुनाव होने हैं.

विज्ञापन

नयी दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विधानसभा चुनाव 2022 (Vidhansabha Chunav 2022) की तैयारी शुरू कर दी है. पार्टी के आला नेता युद्धस्तर पर संगठन के साथ चर्चा में जुट गये हैं. 2021 के विधानसभा चुनावों में अपेक्षाकृत परिणाम नहीं मिलने के बाद भाजपा का पूरा फोकस 2022 के विधानसभा चुनावों पर केंद्रित है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और गुजरात में 2022 में चुनाव होने हैं.

पंजाब को छोड़कर बाकी राज्यों में भाजपा अपनी सत्ता बचाने की कवायद में जुट गयी है. वहीं पंजाब में भी इस बार कांटे की टक्कर की उम्मीद की जा रही है. हाल ही संपन्न हुए यूपी पंचायत चुनाव को विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है. पंचायत स्तर के इस चुनाव में राष्ट्रीय स्तर की पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत लगा दी थी.

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के सात साल पूरे होने पर भाजपा ने इसे सेवा ही संगठन कार्यक्रम के रूप में मनाने का निर्णय किया है. पार्टी के कार्यकर्ता देश भर के करीब 1 लाख गांव में सेवा का कार्य करेंगे. वहीं, यूपी की योगी सरकार ने कहा है कि प्रदेश के 23000 गांवों में सेवा कार्य किया जायेगा. योगी सरकार ने इसमें अधिकारियों की भूमिका भी तय की है.

Also Read: कोरोना संक्रमित चाचा के शव को नदी में फेंकने वाला आखिर वह शख्स है कौन, जानें…

पार्टी के महासचिव (संगठन) बी एल संतोष पिछले सप्ताह के अंत में उत्तराखंड और सोमवार को उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक बैठकें करने के लिए यात्रा पर थे. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ में बी एल संतोष ने यूपी राज्य इकाई के पदाधिकारियों के साथ बैठक की. इस बैठक में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह और शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद थे.

एक सूत्र ने अखबार को बताया कि इन बैठकों का मुख्य फोकस, निश्चित रूप से, उन तरीकों को देखने के लिए है, जो पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा घोषित कोविड-19 महामारी के दौरान ग्रामीण जनता के बीच ‘सेवा ही संगठन’ कार्यक्रम की घोषणा की है. सूत्र ने कहा कि संगठनात्मक पुनर्गठन पर भी चर्चा हो सकती है. लेकिन उन्होंने इस बात की पुष्टि नहीं की कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की जगह पर किसी और को मौका दिया जा सकता है.

यूपी में पार्टी विधायकों में असंतोष

सूत्र ने यह भी कहा कि पार्टी के भीतर बहुत अशांति है, कई विधायकों ने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा है कि प्रशासन महामारी का जवाब देने में विफल रहा है और लोगों में गुस्सा है. योगी सरकार 1 जून से प्रदेश में वृहद टीकाकरण कार्यक्रम शुरू कर रही है और भाजपा कार्यकर्ताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि वे इसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए जमीन पर दिखाई दें.

उत्तराखंड में बी एल संतोष ने राज्य की कोर कमेटी को संबोधित किया. तीरथ सिंह रावत के बाद पहली बार मुख्यमंत्री के रूप में त्रिवेंद्र सिंह रावत की जगह ली. यहां भी, पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचने पर जोर दिया गया था ताकि महामारी की दूसरी लहर से निपटने में मदद मिल सके. सूत्रों ने कहा कि इससे पहले सप्ताह में, आरएसएस के सेकेंड-इन-कमांड, दत्तात्रेय होसबेले ने भी यूपी का दौरा किया था. उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर भी बैठकें की.

Posted By: Amlesh nandan.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola