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हर दिन 7,500 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन, 6,600 मीट्रिक टन राज्यों को दी जा रही : केंद्र सरकार

Updated at : 21 Apr 2021 10:19 PM (IST)
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हर दिन 7,500 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन, 6,600 मीट्रिक टन राज्यों को दी जा रही : केंद्र सरकार

Lucknow: Empty tankers loaded on a train wagon before being transported to collect liquid medical oxygen from Bokaro, amid shortage of gas due to spike in coronavirus cases in Lucknow, Wednesday, April 21, 2021. (PTI Photo/Nand Kumar)(PTI04_21_2021_000224B)

नयी दिल्ली : देश में ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी की खबरों के बीच केंद्र ने कहा है कि देश में प्रतिदिन 7,500 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है और इसमें से 6,600 मीट्रिक टन चिकित्सीय उपयोग के लिए राज्यों को आवंटित की जा रही है. केंद्र ने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इसकी जानकारी दी है.

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नयी दिल्ली : देश में ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी की खबरों के बीच केंद्र ने कहा है कि देश में प्रतिदिन 7,500 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है और इसमें से 6,600 मीट्रिक टन चिकित्सीय उपयोग के लिए राज्यों को आवंटित की जा रही है. केंद्र ने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इसकी जानकारी दी है.

वहीं, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वी के पॉल ने कहा कि राज्यों, अस्पतालों और कई नर्सिंग होम से अपील की कि ऑक्सीजन का समुचित उपयोग सुनिश्चित करें क्योंकि यह कोरोना वायरस संक्रमित रोगियों के लिए जीवन रक्षक है. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि हम प्रतिदिन 7,500 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन कर रहे हैं जिसमें से 6,600 मीट्रिक टन चिकित्सीय मकसद से राज्यों को आवंटित की जा रही है.

उन्होंने कहा कि हमने फिलहाल निर्देश दिये हैं कि कुछ उद्योगों को छोड़कर बाकी उद्योगों को आपूर्ति प्रतिबंधित की जायेगी ताकि चिकित्सीय उपयोग के लिए अधिक से अधिक ऑक्सीजन उपलब्ध हो सके. भूषण ने कहा कि 24 घंटे संचालित होने वाला एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है जहां राज्य सरकारें उनके सामने आ रहीं समस्याओं को उठा सकती हैं. मसलन उनका ट्रक कहीं फंस रहा है या आवाजाही बाधित हो रही है आदि.

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उन्होंने कहा कि जब आप इतनी बड़ी चुनौती, इतनी बड़ी महामारी और कई पक्षों से निपटते हैं तो कई बार घबराहट और संशय का माहौल हो जाता है और ऐसे में जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों की मिलकर काम करने की है ताकि इन चुनौतियों पर फौरन ध्यान दिया जा सके. अधिकारियों ने कहा कि वे ऑक्सीजन के आयात के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ता के आवेदनों को भी देख रहे हैं.

मेडिकल ऑक्सीजन की बढ़ती मांग के मद्देनजर केंद्र ने चिकित्सीय ऑक्सीजन के 50,000 मीट्रिक टन के आयात के लिए एक निविदा निकाली है और मंगलवार को इस संदर्भ में बैठक हुई. स्वास्थ्य मंत्रालय को इसके लिए निविदा को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 162 प्रेशर स्विंग एडसॉर्पशन (पीएसए) संयंत्रों की मंजूरी दी गयी है जो ऑक्सीजन की क्षमता 154.19 मीट्रिक टन बढ़ायेंगे. इन 162 संयंत्रों में से 33 लग चुके हैं और 59 अप्रैल के अंत तक लग जायेंगे. जबकि 80 संयंत्र मई के अंत तक लगाये जायेंगे.

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