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Personal Care: पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स खरीदते समय इन बातों का रखें खास ध्यान

आजकल मार्केट में किसी भी प्रोडक्ट के इतनी सारी वेराइटीज मौजूद है कि कई बार समझ में नहीं आता कि उनके से कौन-सा बेहतर है और किसे खरीदा जाये.

By Prabhat khabar Digital
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Personal Care: ब्यूटी प्रोडक्टस खरीदते समय उसकी क्वालिटी और एक्सपायरी डेट के साथ-साथ उसके कंटेट को भी ध्यान में रखना जरूरी है. कारण, कई बार ब्यूटी प्रोडक्ट्स कुछ ऐसे केमिक‍ल्स का उपयोग किया जाता है, जिनके साइड इफेक्ट्स के बारे में अगर हम न जानें, तो हमारी फेवरेट ब्यूटी प्रोडक्ट्स (लिपस्टिक, बॉडी लोशन, शैंपू आदि) भी आपके लिए खतरनाक साबित होते हैं. ऐसे में किसी भी ब्यूटी प्रोडक्ट खरीदते वक्त उसके कंटेट लिस्ट को ध्यान से देखें. अगर उसमें यहां बताये जा रहा कोई इंग्रेटिएंट शामिल हो, तो उसे खरीदने से बचें. जानें

पाराबेन (Parabens) : आपके द्वारा यूज किये जानेवाले अधिकांश ब्यूटी प्रोडक्ट्स को फंगस या बैक्टिरिया से बचाने के लिए उसमें पाराबेन नामक तत्व, जैसे कि- मिथाइलपाराबेन, प्रोपिलपाराबेन आदि ब्यूटिलपाराबेन आदि को प्रेजरवेटिव के तौर पर उपयोग किया जाता है. पाराबेन तत्वों को शरीर में एस्ट्रोजेन का विकल्प माना जाता है, जो कि महिलाओं में बेस्ट कैंसर सहित अन्य प्रजननीय समस्याओं के लिए जिम्मेदार होता है.

थैलेट्स (Phthalates) : इस रासायन का उपयोग प्लास्टिक को मुलायम और लचीला बनाने के लिए किया जाता है. थैलेट्स नामक तत्व का उपयोग कई तरह के घरेलू सामानों मसलन- फ्लोरिंग मैटेरियल, बच्चों के खिलौनों, ओटीसी ड्रग, कॉस्मेटिक्स आदि के निर्माण में किया जाता है. ब्यूटी प्रोडक्ट की बात करें, तो नेल पॉलिश, हेयर स्प्रे तथा शैंपू के निर्माण में इसका उपयोग बहुतायाता होता है. वर्ष 2018 में हुए एक अध्ययन में पता चला कि थैलेट्स बच्चों के भाषा विकास में होनेवाली देरी के लिए उत्तरदायी है. जिन महिलाओं के यूरिन में थैलेट्स का उच्च स्तर पाया जाता हे, उनके बच्चों का भाषा विकास तुलनात्मक रूप से देरी से होता है.

कोलतार डाइ : कोयला के जलने के बाद प्राप्त होनेवाले तत्व को कोलतार कहते हैं. इसमें कई तरह के रासायन मिले होते हैं. इसका उपयोग हेयर डाइ, शैंपू तथा स्कैल्प से जुड़े अन्य प्रोडक्ट के निर्माण में किया जाता है. सामान्यत: किसी भी हेयर डाइ प्रोडक्ट में इसे पांच रंगों के कलर इंडेक्स (CI) के तौर पर दर्शाया जाता है. खास कर फेलाइलेनेडाइमाइन (p) नामक कोल तार तत्व का उपयोग बहुलता से होता है, जो कि ट्यूमर और अंधेपन की एक बड़ी वजह है. जो हेयर डाइ जितना काला होगा, मान लीजिए कि उसमें कोलतार की मात्रा उतनी ही अधिक उपयोग की गयी है.

महक : किसी भी चीज की गंध अच्छी हो, तो इसका यह मतलब नहीं कि वह चीज आपके स्वास्थ्य के लिहाज से भी अच्छी होगी. महक वाली चीजों के साथ एक सबसे बड़ी प्रोब्लम यह है कि अधिकतर ग्राहक यह जानने की जहमत नहीं उठाते कि उस महक के पीछे की वजह क्या है. किसी भी ब्यूटी प्रोडक्ट की महक भले ही कितनी भी अच्छी क्यूं न हो, लेकिन अगर आपको उनसे एलर्जी हो, तो यह आपके लिए परेशानी का कारण बन सकता है.

पेट्रोलियम : सालों से त्वचा की खुश्की मिटाने और उसे नर्म एवं मुलायम बनाये रखने के लिए पेट्रोलियम जेली का उपयोग किया जा रहा है. फटे होंठों को ठीक करने के लिए लिप बाम के रूप में या फिर छोटे-मोटे फोड़े-फुसियों को ठीक करने के लिए अक्सर लोग पेट्रो जेली का यूज करते हैं. हाल ही में हुए एक अध्ययन में पता चला है कि पेट्रोलियम में पॉलिसाइक्लिक तथा एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन या PAH's नामक तत्व होते हैं, जिससे कि कैंसर, स्किन इरिटेशन तथा एलर्जी होने का खतरा रहता है.

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