Coronavirus Cause: Symptom, treatment : अफवाहों से बचें, जमकर खाएं चिकेन, सच्चाई को जानें

By Prabhat Khabar Digital Desk
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Coronavirus Cause: Symptom, treatment : कोरोना वायरस से चीन समेत दुनिया के कई देश पीड़ित हैं. भारत अब तक इसके खतरे से बचा हुआ है. हालांकि एहतियात के तौर पर सरकार कई कदम उठा रही है, ताकि भारत में यह खतरनाक वायरस नहीं फैल पाये. चीन, हांगकांग, थाइलैंड आदि देशों से आने वाले यात्रियों की जांच एयरपोर्ट पर ही हो रही है. जो भारतीय इन देशों में रह रहे थे और हाल में वापस आये हैं, उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है. अबतक जिन पर भी शक हुआ, उनकी जांच की गयी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से कोरोना वायरस को लेकर कई अफवाहें फैल रही हैं. लोगों में इसे लेकर अनावश्यक डर सोशल मीडिया या फेक न्यूज के जरिये फैलाया जा रहा है. ऐसे में हम यहां बता रहें हैं कि किस तरह से इसे लेकर गलतफहमियां फैली रही हैं और कैसे इससे बचाव किया जा सकता है. पेश है साकिब की रिपोर्ट.

सभी कोरोना वायरस नहीं हैं खतरनाक
डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना परिवार में कई वायरस होते हैं. इनमें से सिर्फ नोवल कोरोना वायरस 2019 ही खतरनाक है. इसे COVID-19 के नाम से भी जाना जाता है. चीन में अभी यही फैला हुआ है. इससे बचाव या इलाज की अभी तक कोई दवा नहीं बनी है. इसकी वजह से चीन में अबतक काफी लोगों की मौतें हो चुकी हैं. वहीं अगर कोई व्यक्ति सामान्य कोरोना वायरस की चपेट में आता है तो तीन दिन से लेकर एक हफ्ते तक में ठीक हो जाता है. इसलिए अगर किसी मरीज की जांच रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव आता है, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उसकी जान अब खतरे में है. डॉक्टर बताते हैं कि कोरोना कोई नया वायरस नहीं है. पहले से यह वायरस मौजूद है. पुराने वायरस से आमतौर पर कोई नुकसान नहीं होता. यहां तक कि संक्रमित इंसान को पता भी नहीं चलता है कि उनके शरीर में यह वायरस है.

इसके लक्षण को जानें
नोवल कोरोना वायरस-2019 के लक्षण शुरू में बहुत सामान्य होते हैं. बाद में यह एक झटके में लक्षण जाहिर करता है. शुरुआत में सांस लेने में थोड़ी तकलीफ, बुखार, खांसी या फिर नाक बहती है. नोवल कोरोना वायरस फेफड़ों को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त करता है. इसके बाद रोगी की हालत बिगड़ जाती है.

जमकर खाएं चिकेन नहीं है इससे खतरा
इन दिनों चिकेन को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर अफवाह फैलायी जा रही है कि इसको खाने से कोरोना वायरस फैल सकता है. यह पूरी तरह से झूठ और भ्रामक है. भारत में अब तक ऐसे कोई मामले सामने नहीं आये हैं कि चिकेन खाने से कोरोना फैला हो. डॉक्टर बताते हैं कि भारत में आप बिना डरे चिकेन खा सकते हैं. डब्लूएचओ की गाइडलाइन कहती है कि कच्चा या अधपका मांस नहीं खाएं. भारतीय किचेन में आमतौर पर तेज आंच में खाना पकाया जाता है जिसके कारण वायरस मर जाते हैं.

कोरोना से बचने के लिए करें ये उपाय

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रभावित इलाके के लोगों को जो हिदायतें दी हैं, वो कुछ इस तरह है.

दिन में कई बार साबुन से हाथ धोएं.

अपने हाथों से आंख, नाक और मुंह को बार-बार नहीं छुएं.

अपनी और परिवार की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बरकरार रखने वाली चीजों का सेवन करें.

खांसते और छींकते समय अपने मुंह और नाक को अच्छी तरह से ढंककर रखें.

खांसी, बुखार और जुकाम होते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

सांस की किसी तकलीफ से संक्रमित मरीजों के करीब जाने से बचें.

सार्वजनिक स्थानों या भीड़ वाले स्थान पर मास्क लगाये.

नियमित रूप से साफ-सफाई का ध्यान रखें

अगर बुखार और खांसी हो तो यात्रा से परहेज करें

कुछ इस तरह फैलाये जा रहे हैं भ्रम

चीन समेत कई देशों में आतंक का पर्याय बन चुके कोरोना वायरस का इलाज ढूंढ़ने में दुनिया भर के वैज्ञानिक लगे हुए हैं, लेकिन इस बीच भारत में कई अफवाह इससे जुड़ी हुई फैल रही हैं.

भ्रम: लहसुन खाने से दूर होगा कोरोना वायरस

इन दिनों वाट्स एप पर एक मैसेज खूब आ रहा है कि लहसुन का सेवन करने से कोरोना वायरस से बचा जा सकता है. डॉ बताते हैं कि यह बात पूरी तरह से गलत है. लहसुन एक हेल्दी फूड है, लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि इससे कोरोना वायरस से बचाव हो सकता है.

भ्रम: निमोनिया की वैक्सीन बचा सकती है कोरोना से

यह भी पूरी तरह से मिथक है. डब्लूएचओ ने साफ कर चुका है कि निमोनिया के लिए दी जाने वाली न्यूमोकॉकल वैक्सीन इस बेहद नये और खतरनाक कोरोना वायरस के खिलाफ सुरक्षा प्रदान नहीं करती है.

भ्रम: गाय के गोबर और गोमूत्र हो सकता है इलाज

सोशल मीडिया पर कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि गाय के गोबर और गोमूत्र के सेवन से कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज हो सकता है. लेकिन यह बात पूरी तरह से गलत है.

भ्रम: पालतू जानवरों से फैल सकता है वायरस

यह एक मिथक है. अब तक किसी रिसर्च या स्टडी में साबित नहीं हुआ है कि पालतू जानवरों से कोरोना वायरस फैल सकता है.

कोरोना वायरस जानवर से इंसान में नहीं फैलता. यह एक इंसान से दूसरे में छींकने, खांसने आदि से फैलता है. इसलिए एहतियात के तौर पर सर्दी, खांसी वालों से थोड़ी दूरी बनाकर रखें. हाथ को धोकर खाना खाएं. बार- बार चेहरे और नाक को हाथ से नहीं छुएं. भीड़ वाले स्थान पर मास्क लगाये.
डॉ वीके ठाकुर, वरीय फिजिशियन, पारस अस्पताल

पुराने चीनी प्रोडक्ट से कोई परेशानी नहीं है. भारत में कुछ अपवादों को छोड़ दें तो कोरोना के मामले नहीं आये हैं. चीन, सिंगापुर, थाईलैंड और हांगकांग से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर जांच होती है. इन देशों से आने वाले हर व्यक्ति पर सरकार की नजर है. इसलिए मेरी अपील है कि बिल्कुल भी डरे नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें.
डॉ राजकिशोर चौधरी, सिविल सर्जन, पटना

पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं दवाएं
कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग सचेत है. विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने स्वीकार किया है कि इस तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर खास कदम उठाया जायेगा. फिलहाल राज्य में चीन से आने वाली दवाओं का भरपूर स्टाॅक है. सरकारी अस्पतालों के दवा भंडार में अभी पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं. निजी क्षेत्र कि दवा दुकानों में भी किसी तरह के दवाओं के मूल्यों पर असर नहीं पड़ा है. बिहार में बुखार की दवा पारासिटामोल से लेकर सिप्रोफ्लोक्सासिन, इजिथ्रोमाइसिन, ओफ्लोक्सासिन सहित सभी प्रकार के सस्ते रिएजेंट (केमिकल) चीन से ही भारत में आपूर्ति होता है.

दवाओं की आपूर्ति में फिलहाल किसी तरह की परेशानी नहीं है. राज्य में दवाओं की उपलब्धता में कोई परेशानी नहीं होने वाली है.
- कौशल किशोर, अपर सचिव, स्वास्थ्य विभाग

चीन से संपर्क टूटने का असर फिलहाल राज्य के दवा उद्योगों में नहीं दिख रहा है, और न ही दवा दुकानों में किसी तरह के दवाओं के मूल्यों पर कोई असर पड़ा है.
- परसन कुमार सिंह, अध्यक्ष,बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन

56 यात्रियों को रखा गया ऑब्जर्वेशन पर
पटना. चीन में फैले कोरोना वायरस के बाद बिहार लौटे 56 यात्रियों को ऑब्जर्वेशन पर रखा गया है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन सभी यात्रियों की प्रतिदिन की रिपोर्ट मांगी जा रही है. साथ ही मरीजों को परामर्श दिया गया है, कि किसी भी तरह की तकलीफ होने के बाद अपनी स्थिति से तत्काल जिले के सर्विलांस पदाधिकारी से संपर्क करें. स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिन 56 यात्रियों को ऑब्जर्वेशन पर रखा गया है.

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