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झारखंड में रोजगार सृजन और राजस्व बढ़ाने के लिए चैंबर ने वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव के दिए ये सुझाव

Updated at : 10 Jan 2024 9:18 PM (IST)
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झारखंड में रोजगार सृजन और राजस्व बढ़ाने के लिए चैंबर ने वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव के दिए ये सुझाव

स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए राज्य में मॉडल ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना हो. असंगठित क्षेत्र के भारी मोटरवाहन चालकों और उप चालकों (कंडक्टर) को प्रारंभिक प्रशिक्षण देना सुनिश्चित किया जाए.

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झारखंड चैंबर ने सरकार को स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और राजस्व बढ़ाने के उपायों के बारे में सुझाव दिए हैं. झारखंड में बजट से पहले आयोजित कार्यशाला में चैंबर के अध्यक्ष किशोर मंत्री ने वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव के द्वारा बजट के लिए सुझाव आमंत्रित किये जाने की प्रक्रिया का स्वागत किया. चैंबर अध्यक्ष ने कहा कि उद्योग लगाने के लिए पर्याप्त भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी. कहा कि खासमहल भूमि, जिस पर 50-60 वर्षों से लोग रह रहे हैं अथवा उसका उपयोग कर रहे हैं, वैसी भूमि को मालिकाना हक देकर फ्रीहोल्ड कर देना चाहिए. इतना ही नहीं, गैर मजरुआ प्रकृति की भूमि को भी फ्रीहोल्ड करने पर सरकार को अवश्य विचार करना चाहिए. राजस्व बढ़ाने के उपायों के तहत चैंबर अध्यक्ष ने वित्त मंत्री से कहा कि बंद पड़ी लौह अयस्क की खदानों को जल्द खोलने, व्यावसायिक वाहनों पर वर्षों से बकाया टैक्स की वसूली के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम और नगर निगम से जुड़े सभी प्रकार के बकाया टैक्स की वसूली के लिए भी वन टाइम सेटलमेंट स्कीम सरकार को लाना चाहिए. चैंबर अध्यक्ष ने कहा कि इन उपायों से सरकार को कई हजार करोड़ रुपए की तत्काल आमदनी होगी.

हर जिले में हो ट्राइबल बिजनेस डेवलपमेंट का गठन : किशोर मंत्री

चैंबर अध्यक्ष ने प्रत्येक जिले में ट्राइबल बिजनेस डेवलपमेंट का गठन करते हुए आदिवासी वर्ग के विकास एवं उनके आय में वृद्धि हेतु बजटीय उपबंध किये जाने का सुझाव दिया. साथ ही कहा कि झारखंड के बजट में सस्टनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ के लिए लांग टर्म पॉलिसी बने, वेंडर मार्केट की तर्ज पर राज्य के हर जिले में महिला वेंडर मार्केट बने, व्यापार एवं उद्योग आयोग का गठन हो, पासपोर्ट कार्यालय की तर्ज पर राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए प्रोफेशनल्स को अधिकृत किया जाए. इतना ही नहीं, झारखंड के सभी प्रमुख शहरों में सीएनजी व इलेक्ट्रिक बसों को चलाने की पहल सरकार को करनी चाहिए.

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व्यावसायिक टैक्स न देने पर जुर्माना खत्म कर ब्याज लगाएं : चैंबर

श्री मंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए राज्य में मॉडल ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना हो. असंगठित क्षेत्र के भारी मोटर वाहन चालकों और उप चालकों (कंडक्टर) को प्रारंभिक प्रशिक्षण देना सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि व्यावसायिक वाहनों के लिए तीन माह में टैक्स देने की व्यवस्था है. किसी कारणवश टैक्स का भुगतान नहीं कर पाने पर 50 से 200 फीसदी तक का फाइन लिया जाता है, जो अव्यावहारिक है. लेट फाइन की जगह फाइन को दो फीसदी ब्याज में परिवर्तित कर देना चाहिए.

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शिक्षा और स्वास्थ्य का बजट बढ़ाए सरकार : झारखंड चैंबर

चैंबर के अध्यक्ष ने झारखंड के वित्त मंत्री को यह भी सुझाव दिया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में शिक्षा व स्वास्थ्य के बजट में वृद्धि जरूर की जाए, ताकि पंचायत स्तर तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों को उपलब्ध हो सकें. मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने झारखंड चैंबर के अध्यक्ष किशोर मंत्री के सुझावों पर विचार करने का आश्वासन दिया. कार्यशाला में विभिन्न विभागों के सचिव के अलावा चैंबर के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष नितिन प्रकाश, चाईबासा चैंबर के अध्यक्ष मधुसूदन अग्रवाल, सदस्य प्रमोद चौधरी एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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