गूगल वर्कस्पेस की दरों के संशोधन से भारत के MSME उद्यमी चिंतित, कारोबारियों ने लिखा ओपन लेटर

Updated at : 18 Aug 2022 12:25 PM (IST)
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गूगल वर्कस्पेस की दरों के संशोधन से भारत के MSME उद्यमी चिंतित, कारोबारियों ने लिखा ओपन लेटर

गूगल वर्कस्पेस की संशोधित नई दरों को लेकर साइनरसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज की ओर से गूगल इंडिया के कंट्री हेड संजय गुप्ता, गूगल की साझेदार एजेंसी मयूरी कांगो, गूगल क्लाउड इंडिया के सेल डाइरेक्टर अमित कुमार के नाम ओपन लेटर भेजा गया है.

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नई दिल्ली : अभी हाल के दिनों में गूगल वर्कस्पेस के लिए ऑफरिंग प्राइस में संशोधन के बाद भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) के उद्यमियों ने चिंता जाहिर की है. गूगल वर्कस्पेस की दरों में संशोधन के बाद भारत की कई कंपनियों ने बुधवार को गूगल इंडिया के वरिष्ठ प्रबंधन को एक ओपन लेटर भी लिखा है. इसमें कहा गया है कि इस तरह की मूल्य निर्धारण नीतियों से भारतीय एमएसएमई को हर साल कुछ सेवाओं के लिए अतिरिक्त 2,000-5,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिनका वे कभी इस्तेमाल नहीं करेंगे.

गूगल इंडिया को ओपन लेटर

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गूगल वर्कस्पेस की संशोधित नई दरों को लेकर साइनरसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज की ओर से गूगल इंडिया के कंट्री हेड संजय गुप्ता, गूगल की साझेदार एजेंसी मयूरी कांगो, गूगल क्लाउड इंडिया के सेल डाइरेक्टर अमित कुमार के नाम ओपन लेटर भेजा गया है. इस ओपन लेटर की एक-एक कॉपी भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, एमएसएमई मंत्रालय, सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रसारण मंत्रालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय तथा वित्त मंत्रालय को भी भेजी गई है.

एक्स्ट्रा स्पेस के लिए करना होगा अतिरिक्त भुगतान

इस गलतफहमी के बारे में बताते हुए साइनरसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज के सीईओ विशाल शाह ने कहा कि पहले प्रत्येक उद्यम उपयोगकर्ता के लिए वे जी-सूट बेसिक 30 जीबी स्टोरेज स्पेस प्लान के लिए सालाना लगभग 2,500 रुपये का भुगतान करते थे. यदि मान लिया जाए कि टीम के दो वरिष्ठ सदस्यों को स्टोरेज के लिए अधिक स्पेस की जरूरत है, तो केवल वे दो सदस्य व्यक्तिगत रूप से प्रति यूजर 1,300 रुपये सालाना अतिरिक्त लागत पर 100 GB अतिरिक्त स्टोरेज स्पेस प्राप्त करने के लिए अपनी योजना को अपग्रेड कर सकते हैं. जून में उन्हें एक नई मूल्य निर्धारण योजना के बारे में सूचित किया गया था.

100 जीबी स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध नहीं

शाह ने कहा कि गूगल ने विशिष्ट नीति परिवर्तनों के साथ G-Suite को Google Workspace में रीब्रांड करने की घोषणा की. हमें सूचित किया गया कि अतिरिक्त 100 जीबी स्टोरेज अब उपलब्ध नहीं है. किसी को ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ श्रेणी में अपग्रेड करना होगा, जिसमें न्यूनतम स्टोरेज 2 टीबी है और प्रति यूजर्स सालाना 10,100 रुपये खर्च होते हैं. उन्होंने यह भी घोषणा की कि यदि आपको एक खाते में 30 जीबी से अधिक स्टोरेज की आवश्यकता है, तो आपको सभी खातों को 2 टीबी स्टोरेज में अपग्रेड करना होगा.

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अपग्रेड करने के लिए मजबूर करना अनुचित

उन्होंने कहा कि अब चूंकि मुझे कुछ यूजर्स के लिए 130 जीबी की आवश्यकता है. मुझे सभी 50 खातों (कर्मचारियों के) को 400 फीसदी अधिक कीमत पर 2 टीबी स्टोरेज में अपग्रेड करने के लिए मजबूर किया जाता है. यह 1,28,900 रुपये से 5,05,000 रुपये का सालाना है. यह अनुचित है. उन्होंने कहा कि Google जानता है कि हमारे जैसे एमएसएमई के पास 100 टीबी (प्रत्येक 2 टीबी वाले 50 यूजर्स) का डेटा नहीं हो सकता है. इसलिए हम इसका उपयोग नहीं कर पाएंगे. इसलिए इसे अपने क्लाउड पर 100 टीबी का प्रावधान करने की आवश्यकता नहीं है और यह अभी भी 100 टीबी के लिए चार्ज कर सकता है.

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