Fake Currency Notes: एक साल में डबल हो गये 500 रुपये के जाली नोट, RBI की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Updated at : 30 May 2022 6:47 PM (IST)
विज्ञापन
Fake Currency Notes: एक साल में डबल हो गये 500 रुपये के जाली नोट, RBI की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Fake Currency Notes: 50 रुपये और 100 रुपये मूल्य के जाली नोटों की संख्या क्रमश: 28.7 फीसदी और 16.7 फीसदी कम हो गयी. बैंकिंग प्रणाली में वर्ष 2021-22 में मिले कुल जाली नोटों में से 6.9 प्रतिशत रिजर्व बैंक में पकड़ में आये और 93.1 फीसदी अन्य बैंकों में मिले.

विज्ञापन

Fake Currency Notes: बीते वित्त वर्ष 2021-22 में बैंकिंग प्रणाली में मिले जाली 500 रुपये के नोटों की संख्या इससे पिछले वित्त वर्ष (2020-21) की तुलना में दोगुना से भी अधिक होकर 79,669 पर पहुंच गयी. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की सालाना रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी है.

2,000 रुपये मूल्य के 13,604 जाली नोट मिले

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021-22 में 2,000 रुपये मूल्य के 13,604 जाली नोटों का पता चला. वर्ष 2020-21 की तुलना में यह 54.6 प्रतिशत अधिक है. बीते वित्त वर्ष में बैंकिंग क्षेत्र में मिले विविध मूल्यों की कुल जाली भारतीय करेंसी नोट (एफआईसीएन) की संख्या बढ़कर 2,30,971 हो गयी, जो वर्ष 2020-21 में 2,08,625 थी.

2019-20 में 2,96,695 जाली नोट पकड़ में आये

वर्ष 2019-20 में 2,96,695 जाली नोट पकड़ में आये थे. रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट 2021-22 में कहा गया है, पिछले वर्ष की तुलना में, इस वर्ष 10 रुपये, 20 रुपये, 200 रुपये, 500 रुपये (नये नोट) और 2,000 रुपये मूल्य के जाली नोटों की संख्या क्रमश: 16.4 प्रतिशत, 16.5 प्रतिशत, 11.7 प्रतिशत, 101.9 प्रतिशत और 54.6 प्रतिशत बढ़ गयी.

Also Read: जाली नोट के साथ पति पत्नी समेत रांची के तीन लोग गिरफ्तार, बिहार से जुड़ रहा कनेक्शन, डेढ़ लाख नोट खपाये

50 और 100 रुपये के जाली नोटों की संख्या हुई कम

वहीं, 50 रुपये और 100 रुपये मूल्य के जाली नोटों की संख्या क्रमश: 28.7 फीसदी और 16.7 फीसदी कम हो गयी. बैंकिंग प्रणाली में वर्ष 2021-22 में मिले कुल जाली नोटों में से 6.9 प्रतिशत रिजर्व बैंक में पकड़ में आये और 93.1 फीसदी अन्य बैंकों में मिले.

2016 में फर्जी करेंसी पर लगाम लगाने के लिए हुई थी नोटबंदी

सरकार ने वर्ष 2016 में नोटबंदी का कदम फर्जी करेंसी पर लगाम लगाने के लिए उठाया था. इसमें 500 रुपये और 1,000 रुपये मूल्य के नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया था. रिपोर्ट में कहा गया कि एक अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2022 के बीच सुरक्षित छपाई पर कुल 4,984.8 करोड़ रुपये का खर्च आया, जबकि एक जुलाई, 2020 से 31 मार्च, 2021 के बीच 4,012.1 करोड़ रुपये का खर्च आया था.

Also Read: जाली नोट के रैकेट में शामिल बंगाल निवासी इनाम-उल-हक समेत सभी आरोपियों के विरुद्ध एनआईए ने की यह कार्रवाई

विज्ञापन
Agency

लेखक के बारे में

By Agency

Agency is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola