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Cruid Oil की कीमतों में गिरावट का फायदा उठाने की फिराक में जुटा ड्रैगन, आयात और भंडारण पर दे रहा जोर

Updated at : 23 Apr 2020 9:10 PM (IST)
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Cruid Oil की कीमतों में गिरावट का फायदा उठाने की फिराक में जुटा ड्रैगन, आयात और भंडारण पर दे रहा जोर

कच्चा तेल (Cruid Oil) की वैश्विक कीमतों में आयी रिकॉर्ड गिरावट का फायदा उठाकर चीन अपना भंडार बढ़ाने में जुटा हुआ है.

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बीजिंग : कच्चा तेल (Cruid Oil) की वैश्विक कीमतों में आयी रिकॉर्ड गिरावट का फायदा उठाकर चीन अपना भंडार बढ़ाने में जुटा हुआ है. कोरोना वायरस महामारी के कारण वाहनों का आवागमन तथा कारखानों का परिचालन पूरी तरह से बंद रहने के बाद भी चीन का कच्चा तेल का आयात मार्च महीने में सालाना आधार पर 4.5 प्रतिशत बढ़ा है. साल की पहली तिमाही के दौरान चीन का कच्चा तेल आयात साल भर पहले की तुलना में पांच फीसदी बढ़ा है.

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42 लाख बैरल कच्चा तेल मंगाने के लिए 84 टैंकर को भेजा सऊदी अरब : फिच सॉल्यूशंस के वरिष्ठ विश्लेषक (तेल एवं गैस) पीटर ली ने कहा कि इन सब के बाद भी चीन का कच्चा तेल आयात बढ़ता रहा है. कम कीमत से उन्हें भंडार बढ़ाने में मदद मिल रही है. कुछ खबरों में चीन के शिपबिल्डिंग उद्योग के संगठन के हवाले से कहा गया है कि चीन ने मध्य मार्च में कच्चा तेल लाने के लिए 84 टैंकर को सऊदी अरब भेजा. इनमें से हर टैंकर की क्षमता 20 लाख बैरल कच्चा तेल ढोने की है.

कम्युनिस्ट पार्टी के राजनीतिक और न्यायिक आयोग ने सोशल मीडिया पर मानी बात : चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के राजनीतिक और न्यायिक आयोग ने सोशल मीडिया पर कहा कि कच्चा तेल की कीमतें कम होने का चीन के ऊपर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है.

कच्चे तेल के खेल में चीन को उठाना पड़ रहा था नुकसान : हालांकि वूड मैकेंजी के उद्योग विश्लेषक मैक्स पेट्रो का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतें कम होने से ईंधन के मामले में चीन के आत्मनिर्भर बनने की योजना पर असर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि चीन की सरकारी तेल कंपनी पेट्रो चाइना को ठीक-ठाक नुकसान हो रहा है. ऐसे में पेट्रो चाइना को अब यह तय करना है कि क्या वह पश्चिमी देशों की तेल कंपनियों की तर्ज पर नये कुओं की खोज में लगने वाले पैसे में कमी लाती है. यदि वह ऐसा करती है, तो नये कुओं के उत्पादन की स्थिति में आने में लंबा वक्त लग सकता है. पीटर ली के अनुसार, चीन का आधिकारिक भंडार करीब 38.5 करोड़ बैरल का है. उन्होंने कहा कि चीन की योजना इसे बढ़ाकर 50 से 60 करोड़ बैरल करने की है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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