एयरबस ने मोदी की ''मेक इन इंडिया'' पहल का समर्थन किया
तुलुज (फ्रांस) : विमान बनाने वाली प्रमुख कंपनी एयरबस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल का समर्थन करते हुए आज कहा कि वह भारत में विनिर्माण को तैयार है. मोदी ने यहां कंपनी के कारखाने का दौरा किया. मोदी ने कंपनी के कारखाने का दौरा किया जहां विमान बनते हैं. कंपनी के […]
तुलुज (फ्रांस) : विमान बनाने वाली प्रमुख कंपनी एयरबस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल का समर्थन करते हुए आज कहा कि वह भारत में विनिर्माण को तैयार है. मोदी ने यहां कंपनी के कारखाने का दौरा किया. मोदी ने कंपनी के कारखाने का दौरा किया जहां विमान बनते हैं. कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें परिचालन व अन्य गतिविधियों की जानकारी दी. एयरबस के ग्रुप सीईओ टाम एंडर्स ने भारतीय प्रधानमंत्री की अगवानी की.
उन्होंने कहा, ‘तुलुज में प्रधानमंत्री मोदी की अगवानी कर हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं और भारत के साथ मजबूत आर्थिक संबंध बनाने की हमारी इच्छा से हमने उन्हें अवगत कराया. हमारी अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों में भारत पहले ही केंद्रबिंदु है और हम हमारे उत्पादों में इसके योगदान को और बढाना चाहते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘हम प्रधानमंत्री मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ आह्वान का समर्थन करते हैं और हम भारत तथा दुनिया के लिए भारत में विनिर्माण को तैयार हैं.’
उल्लेखनीय है कि एयरबस भारत में दो अभियांत्रिकी केंद्र पहले ही चला रही है. इनमें से एक नागर विमानन तथा दूसरा रक्षा क्षेत्र पर केंद्रित है. इसके अलावा उसका एक अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र भी है. इन केंद्रों में कुल मिलाकर 400 कुशल लोग कार्यरत हैं. ग्रुप के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने इन केंद्रों के विस्तार की इच्छा से अगवत कराया है ताकि वे कंपनी के भावी कार्यक्रमों में बडी जिम्मेदारी ले सकें. प्रधानमंत्री मोदी कारखाने का दौरा करते हुये एयरबस ए380 बनाने वाली इकाई में गये.
एयरबस के बयान में कहा गया है कि गु्रप भारत में फाइनल एसेंबली लाइन स्थापित करना चाहता है. इसके साथ ही वह भारत में सैन्य परिवहन विमानों तथा हेलीकाप्टर के लिए बुनियादी ढांचा आदि खडा करना चाहता है. बयान में कहा गया है कि यह भारत के रक्षा मंत्रालय द्वारा तय नीतियों व एफडीआई नीति का पूरी तरह से अनुपालन करते हुए ही होगा. एयरबस डिफेंस एण्ड स्पेस ने टाटा के साथ मिलकर भारत में आधुनिक सी-295 विमानों के उत्पादन के लिये एक संयुक्त प्रस्ताव सौंपा है.
भारतीय वायु सेना के पुराने एव्रो विमानों के स्थान पर नये आधुनिक सी-295 विमानों को शामिल करने के लिये यह प्रस्ताव सौंपा गया है. एयरबस हेलिकाप्टर्स भी भारतीय कंपनियों के साथ विभिन्न हेलिकाप्टर के कार्यक्रमों के बारे में विचार विमर्श कर रही है. प्रधानमंत्री ने फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी सीएनईएस का दौरा भी किया जहां भारतीय विद्यार्थियों के एक समूह ने उनका स्वागत किया.
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