जेब के जायके को बिगाड़ रहा है प्याज, रांची और दिल्ली समेत देश के बाजारों में शतक जड़ने को बेताब

Updated at : 06 Nov 2019 3:59 PM (IST)
विज्ञापन
जेब के जायके को बिगाड़ रहा है प्याज, रांची और दिल्ली समेत देश के बाजारों में शतक जड़ने को बेताब

नयी दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली ही नहीं, झारखंड की राजधानी रांची समेत सब्जियों के जायके को मजेदार बनाने वाला प्याज इन दिनों आम आदमी की जेबों के जायके को कड़वा कर रहा है. दिवाली के बाद देश के खुदरा बाजारों में 60 रुपये किलो बिकने वाले प्याज की कीमत में 45 फीसदी की […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली ही नहीं, झारखंड की राजधानी रांची समेत सब्जियों के जायके को मजेदार बनाने वाला प्याज इन दिनों आम आदमी की जेबों के जायके को कड़वा कर रहा है. दिवाली के बाद देश के खुदरा बाजारों में 60 रुपये किलो बिकने वाले प्याज की कीमत में 45 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गयी और फिलहाल यह 80 रुपये किलो बिक रहा है. मजे की बात यह है कि प्याज की कीमतों पर काबू करने की खातिर सरकार सार्वजनिक स्तर पर आपूर्ति बढ़ाने समेत तमाम तरह के उपाय करने में जुटी है, बावजूद इसके इसकी कीमतों की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एक अक्टूबर को प्याज का भाव 55 रुपये किलो था. महाराष्ट्र जैसे प्याज उत्पादक राज्यों में भारी बारिश के बाद इसकी आपूर्ति पर असर पड़ा है. इससे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, झारखंड की राजधानी रांची समेत देश की थोक और खुदरा सब्जी मंडियों में प्याज की कीमतें आसमान छू रही हैं. आकंड़ों के मुताबिक, प्याज की कीमतों में पिछले साल की तुलना में करीब तीन गुना अधिक वृद्धि हुई है. नवंबर, 2018 में खुदरा बाजार में प्याज का भाव 30-35 रुपये किलो था. दिल्ली ही नहीं बल्कि देशभर के अन्य क्षेत्रों में भी प्याज की कीमतें बहुत अधिक हैं. हालांकि, दिल्ली में प्याज राजनीतिक रूप से संवेदनशील वस्तु रही है.

उपभोक्ता मामले के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आने वाले दिनों में प्याज के दाम में नरमी आ सकती है, क्योंकि महाराष्ट्र, राजस्थान और कर्नाटक में नयी फसल की आवक शुरू हो गयी है. हालांकि, बेमौसमी बारिश की वजह से इन्हें उपभोक्ता क्षेत्रों तक लाने में दिक्कत हो रही है. गौरतलब है कि सहकारी संस्था नेफेड के बफर स्टॉक से आपूर्ति करने से दिल्ली में प्याज की उपलब्धता सुधर रही है, मगर देश के अन्य प्रांतों और शहरों में सरकारी स्तर पर इसकी आपूर्ति न के बराबर है. इसी का नतीजा है कि मुनाफाखोरों और जमाखारों का देश के खुदरा बाजारों में अब भी बोलबाला है.

अधिकारी ने कहा कि मदर डेयरी दिल्ली-एनसीआर में 400 से अधिक सफल बिक्री केन्द्रों के माध्यम से बफर स्टॉक से 24.90 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्याज बेच रही है. हालांकि , कुछ केंद्रों पर प्याज का स्टॉक खत्म हो गया है और ग्राहकों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है. इस बीच, सरकार ने अफगानिस्तान, मिस्र, तुर्की और ईरान से प्याज के निजी आयात की सुविधा देने का फैसला किया है. अधिकारी ने कहा कि निजी व्यापारियों ने सरकार को बताया कि आयातित प्याज के 80 कंटेनर भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच चुके हैं और 100 कंटेनरों को समुद्री मार्ग से भारत भेजा जा सकता है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola