फल-सब्जी ने बिगाड़ा जायका

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नयी दिल्ली : फल, सब्जी और मोटे अनाज जैसी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी के रुख से मई में में थोक मुद्रास्फीति पांच महीने के उच्च स्तर 6.01 प्रतिशत पर पहुंच गयी. अप्रैल में यह 5.20 प्रतिशत थी.

मॉनसून सामान्य से कम रहने और इराक में राजनीतिक तनाव बढ़ने से मुद्रास्फीति में और वृद्धि होने की संभावना है. थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति पर आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, आलोच्य अवधि में आलू की कीमतों में एक साल पहले से 31.44 प्रतिशत, फलों में 19.40 प्रतिशत और चावल की कीमतों में 12.75 प्रतिशत की वृद्धि की वजह से मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ा है. पिछले महीने खाद्य मुद्रास्फीति 9.50 प्रतिशत रही, जबकि विनिर्मित वस्तुओं की मुद्रास्फीति 3.55 प्रतिशत थी.

आनेवाला समय मुश्किलों से भरा है, यह संकेत देते हुए बार्कलेज के मुख्य अर्थशास्त्री सिद्धार्थ सान्याल ने कहा कि कमजोर मानसून और इराक में भू-राजनीतिक तनाव के चलते तेल की वैश्विक कीमतों को लेकर अनिश्चितता से जोखिम बढ़ा है. थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल में 5.20 प्रतिशत और पिछले साल मई में 4.58 प्रतिशत थी. मार्च के लिए थोक मुद्रास्फीति के आंकड़ों को संशोधित कर छह प्रतिशत कर दिया गया है, जो पहले 5.70 प्रतिशत बताया गया था.

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