शौचालय के पैसे का सूद खा रही बिहार सरकार
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Sep 2014 3:30 AM
पटना : केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार सरकार पर सूदखोरी का आरोप लगाया है. गुरुवार को राजकीय अतिथिशाला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष (2013-14) के शौचालय निर्माण के 246 करोड़ अब भी राज्य सरकार के एकाउंट में पड़े हैं. इसे खर्च करने के बजाय राज्य सरकार […]
पटना : केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार सरकार पर सूदखोरी का आरोप लगाया है. गुरुवार को राजकीय अतिथिशाला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष (2013-14) के शौचालय निर्माण के 246 करोड़ अब भी राज्य सरकार के एकाउंट में पड़े हैं. इसे खर्च करने के बजाय राज्य सरकार और राशि मांग रही है.
पुरानी राशि खर्च करने के बाद ही नयी राशि का भुगतान केंद्र सरकार करेगी. उन्होंने कहा कि नये वित्तीय वर्ष में राशि तभी दी जाती है, जब उस मद में 50 करोड़ रुपये से कम हो. लेकिन, इस मद में ओपनिंग बैलेंस 246 करोड़ था और अब तक वह राशि खर्च नहीं की गयी है. राज्य सरकार शौचालय निर्माण के मद की पुरानी राशि को खर्च कर उसका उपयोगिता प्रमाणपत्र दे, तो केंद्र सरकार मांग से ज्यादा धन देगी.
नाइंसाफी नहीं : इंदिरा आवास की कटौती के सवाल पर कुशवाहा ने कहा कि बिहार के साथ कोई नाइंसाफी नहीं की गयी है. पिछले 10 साल में 59.42 लाख घर बनाने थे, लेकिन बिहार में मात्र 41.81 लाख घर ही बन सके. 17.61 लाख घर अब तक नहीं बन पाये. अगर वित्तीय वर्ष 2013-14 की बात करें, तो 6,05,550 इंदिरा आवास का लक्ष्य था, लेकिन बिहार सरकार 2,75,869 ही बना पायी. इंदिरा आवास में जहां तक कटौती की बात है यह 2011 के जनगणना व अप्रैल 2014 में हुए निर्णय के अनुसार हो रहा है.
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