Advertisement

champaran east

  • Mar 24 2017 8:44PM

जातिवाद, नशा व भ्रष्टाचार विकास में बाधक, अंधविश्वास को करना होगा समाप्त : स्वामी अग्निवेश

जातिवाद, नशा व भ्रष्टाचार विकास में बाधक, अंधविश्वास को करना होगा समाप्त : स्वामी अग्निवेश

मोतिहारी : स्वामी अग्निवेश  ने कहा कि गांधी दर्शन ईश्वर दर्शन है. गांधी ईश्वर के उपासक थे. उन्होंने कभी भी मूर्ति की पूजा नहीं की. आज धर्म के ठेकेदार भगवान को हाइजैक कर अपनी-अपनी दुकानें चला रहे हैं. धर्म के नाम पर अधंविश्वास बढ़ा है. वह शुक्रवार को बिहार के मोतिहारी में एमएस कॉलेज के मैदान में सर्व सेवा संघ द्वारा आयोजित चंपारण सत्याग्रह शताब्दी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.

इस दौरान स्वामी अग्निवेश ने कहा कि धर्म के नाम पर हो रहे अंधविश्वास को समाप्त करना होगा. जातिवाद व भ्रष्टाचार को विकास में बाधक बताते हुए स्वामी ने अंतरजातीय विवाह पर बल दिया. कहा कि समाज में अच्छे काम करनेवालों को सम्मान मिलना चाहिए. गंदगी साफ करना अच्छी बात है. लोग गंदगी साफ करने वालों से नफरत करते हैं. उन्होंने कहा कि आज हम चंपारण सत्याग्रह शताब्दी मना रहे हैं. यह तभी सफल होगा जब हम गांधी के विचारों को जानेंगे. उसे आत्मसात करते हुए सत्य व अहिंसा को अपनायेंगे. गांधी जी की प्रतिमा लगाने व संग्रहालय खोलने से यह काम नहीं होगा. इसके लिए सभी को जागरूक होना होगा.

स्वामी अग्निवेश ने कहा कि देश में सभी को समान अवसर मिलना चाहिए. शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ करने के लिए सरकार को यह नियम लागू करना चाहिए कि सभी सरकारी कर्मचारियों के बच्चे सरकारी विद्यालय में ही पढ़ाई करें.

एक बार में शराबबंदी ऐतिहासिक कदम
स्वामी ने कहा कि गांधी जी ने कहा था, अंगरेजों से ज्यादा खतरनाक शराब है. बिहार के मुख्यमंत्री ने शराबबंदी कर गांधी जी का यह सपना साकार किया है. उन्होंने कहा कि वे खुद शराब के खिलाफ आंदोलन चलाये थे, उस समय बिहार में शराबबंदी नहीं थी. उस आंदोलन में उन्हें छिटपुट सफलता मिली, पर नीतीश कुमार ने एक बार में शराबबंदी कर दी. समाज को अच्छा बनाने के लिए अच्छे लोगों का सत्ता में आना जरूरी है. कारण कि बिना सत्ता के अासानी से परिवर्तन नहीं हो सकता है. अब मौत से डरने का नहीं, आंख मिलाने का समय आ गया है.

 

Advertisement

Comments

Advertisement