लॉस एंजिलिस के मेयर एरिक एम गार्सेटी भारत में अमेरिका के होंगे अगले राजदूत, सीनेट ने नाम पर लगाई मुहर

Updated at : 13 Jan 2022 1:50 PM (IST)
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लॉस एंजिलिस के मेयर एरिक एम गार्सेटी भारत में अमेरिका के होंगे अगले राजदूत, सीनेट ने नाम पर लगाई मुहर

सीनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब 50 साल के एरिक गार्सेटी मौजूदा अमेरिकी राजदूत केनथ जस्टर का स्थान लेंगे.

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वाशिंगटन : लॉस एंजिलिस के मेयर एरिक एम गार्सेटी भारत में अमेरिका के अगले राजदूत होंगे. अमेरिकी कांग्रेस की एक अहम समिति ने भारत में अमेरिका के राजदूत के तौर पर लॉस एंजिलिस के मेयर एरिक एम गार्सेटी के नाम पर अपनी मुहर लगा दी है. गार्सेटी के अलावा सीनेट की शक्तिशाली विदेशी संबंध समिति ने 11 अन्य राजदूतों के नामांकन को मंजूरी दी. इनमें जर्मनी में अमेरिका के राजदूत के तौर पर एमी गुटमैन, पाकिस्तान में डोनाल्ड आर्मिन ब्लोम तथा होली सी में जोए डोनेली के नाम शामिल हैं.

सीनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब 50 साल के एरिक गार्सेटी मौजूदा अमेरिकी राजदूत केनथ जस्टर का स्थान लेंगे. गार्सेटी ने यह जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए भारत में राजदूत नियुक्त किए जाने पर प्रसन्नता जताई है. लास एंजलिस के मेयर एरिक गार्सेटी ने ट्वीट कर कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने मुझे भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में काम करने के लिए मनोनीत किया है. मैं इस नियुक्ति को स्वीकार करते हुए बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं.

सीनेट की विदेश संबंधों की समिति के अध्यक्ष सीनेटर बॉब मेनेंदेज ने इस पर नाराजगी जतायी कि समिति के सामने अब भी 55 नाम लंबित पड़ें हैं और दुनियाभर में कई चुनौतियां उनका इंतजार कर रही हैं. उन्होंने कहा, ‘जैसा कि मैंने इस समिति और सीनेट के सामने कई बार कह दिया है कि लंबे समय तक पदों को रिक्त रखना हमारे हित में नहीं है.

रैंकिंग सदस्य जिम रिश्च ने जर्मनी के राजदूत पद पर नामांकन के विपक्ष में मत दिया. उन्होंने कहा कि मैं डॉ गटमैन के खिलाफ ‘ना’ में वोट दे रहा हूं, लेकिन यह निजी मसला नहीं है. मैं उनके साथ काम करने और जर्मनी के साथ हमारा गठबंधन मजबूत करने के लिए तैयार हूं.

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उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर वह योग्य हैं, उनका लंबा और सफल करियर रहा है, लेकिन मुझे लगता है कि यह संभवत: यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिलवेनिया में काम करने को लेकर रहा, जो चीन से लाखों डॉलर का चंदा लेता है. अमेरिका के उच्च शिक्षा संस्थानों में विदेशी खासतौर से चीन के प्रभाव का मुद्दा इस समिति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.

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