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''महा-भूकंप'' : नेपाल में मरने वालों की संख्या 1500 के पार, दलबीर सिंह सुहाग नेपाल सेना प्रमुख के साथ लगातार संपर्क में हैं

25 Apr, 2015 1:44 pm
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''महा-भूकंप'' : नेपाल में मरने वालों की संख्या 1500 के पार, दलबीर सिंह सुहाग नेपाल सेना प्रमुख के साथ लगातार संपर्क में हैं

काठमांडो / नयी दिल्ली : नेपाल की राजधानी काठमांडो में आज 7.9 तीव्रता का जबरदस्त भूकंप आया जहां कुछ घरों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है. भूकंप के कारण लोगों के हताहत होने के बारे में तत्काल कोई सूचना नहीं है. भूकंप दोपहर के आसपास आया और भारत के साथ ही पाकिस्तान में भी महसूस […]

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काठमांडो / नयी दिल्ली : नेपाल की राजधानी काठमांडो में आज 7.9 तीव्रता का जबरदस्त भूकंप आया जहां कुछ घरों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है. भूकंप के कारण लोगों के हताहत होने के बारे में तत्काल कोई सूचना नहीं है. भूकंप दोपहर के आसपास आया और भारत के साथ ही पाकिस्तान में भी महसूस किया गया. भूकंप का पहला झटका आने के बाद अब तक वहां कुल मिलाकर 17 और झटके (आफ्टर शॉक) आ चुके हैं.भारतीय सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग नेपाल सेना प्रमुख के साथ लगातार संपर्क में हैं.

न्यूज एजेंसियों के मुताबिक अभी तक मरने वालों की संख्या 1500 तक जा पहुंची है. इसके अलावा ये जानकारी सामने आई है कि पूरे नेपाल में इस समय लगभग तीन लाख से ज्यादा सैलानी फंसे हुए हैं. ताजा जानकारी के मुताबिक, काठमांडू शहर में दुकानों में बोतलबंद पानी खत्म हो चुके हैं. लोगों को खाने-पीने की चीजों को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा, बाजार में मोबाइल फोन रिचार्ज करने के कूपन भी खत्म हो चुके हैं. काठमांडू और नेपाल के अधिकांश इलाकों में बिजली बहल नहीं हो सकी है. मोबाइल और इंटरनेट जैसी दूरसंचार सुविधा भी काम नहीं कर रही है.

खबर है कि नेपाल स्थित दुनिया के सबसे ऊंची पर्वत छोटी माउन्ट एवरेस्ट पर भी हिमस्खलन (एवलांच) आने की खबर है जिसकी वजह से इसके बेस कैम्प पर भी पर्वतारोहियों के मरने की खबर है. बेस कैम्प वन से 18 शव अब तक निकाले जा चुके हैं.

नेपाल में आज छुट्टी होने की वजह से भरी संख्या में लोग घूमने भी निकले थे. यहां स्थित नौ मंजिले भीमसेन (धरहरा) टावर में भूकंप के समय करीब 160 लोगों ने इस टावर के लिए टिकट ख़रीदा था. आपको बता दें कि काठमांडू का धरहरा टावर, भारत के कुतुबमीनार की तरह मना जाता है. इस पर ऊपर चढ़कर पर्यटक काठमांडू शहर का नजारा देखते हैं. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि ध्वस्त हुए धरहरा मीनार के मलबे में कम से कम 450 लोग फंसे हुए हैं.

भारत सरकार ने नेपाल के भारतीय दूतावास का हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. ये है -+997-985-110-7021. इस नंबर पर नेपाल में रहने वाले भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है. गृह मंत्रालय के मुताबिक नेपाल में करीब 125 भारतीय नागरिक भी फंसे हुए हैं. काठमांडू में भारतीय दूतावास के परिसर में एक घर के गिरने से दूतावास के एक कर्मचारी की बेटी की मृत्यु हो गयी है.

भारत से नेपाल को हर संभव मदद के आश्वासन के बाद यहां से एनडीआरएफ की टीम को लेकर पहला ग्लोबमास्टर विमान नेपाल पहुंच गया है. इसके अलावा भारत की तरफ से नेपाल में एक और सी-17 ग्लोबमास्टर विमान, एक सी-130 विमान और दो एमआइ – 17 हेलिकॉप्टर मदद मुहैया कराने के लिए काम में लगाये गए हैं.ये विमान भी राहत दल के अन्य सदस्यों और बचाव सामग्री के साथ नेपाल पहुंचने वाले हैं.

भारत में दूरसंचार विभाग की तरफ से बीएसएनएल अगले तीन दिनों तक भारत से नेपाल को की जाने वाली किसी भी फोन कॉल को लोकल घोषित कर दिया है यानि अपने दोस्तों-रिश्तेदारों का हाल चाल जानने के लिए संकट की इस घड़ी में लोगों को अंतरराष्ट्रीय की जगह महज स्थानीय कॉल का मूल्य लगेगा.

इसके बाद, खबर है कि भारत की बड़ी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी एयरटेल ने भी ये घोषणा की है कि अगले 48 घन्टों तक एयरटेल के ग्राहक नेपाल को मुफ्त में फोन कर सकते हैं. फिलहाल नेपाल को की जाने वाली कॉल की दर अन्य अंतर्राष्ट्रीय कॉल की दरों से ज्यादा है.

इसके अलावा,नेपाल सरकार ने इस त्रासदी के मद्देनजर लोगों की मदद और पूछ-ताछ के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किये हैं. इन नंबरों पर संपर्क कर लोग अपनों का हाल जानने की कोशिश कर सकते हैं.

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– ये है धरहरा टावर की तस्वीर, जो अब भूकंप में जमीदोज हो गया है.

ट्विटर पर नेपाल के पर्यावरणविद कशिश दास श्रेष्ठ ने इस तबाही की कुछ तस्वीरें शेयर की है. इन तस्वीरों में आप तबाही का शुरूआती असर देख सकते हैं.
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इस तस्वीर में दिखाई दे रहा है कि काठमांडू में मुख्य सड़क किस तरह धंस गयी है.
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पाकिस्तान में लाहौर निवासी मोहम्मद शहाब ने बताया कि वह अपने कार्यालय में बैठे हुए थे कि तभी पूरा शहर भूकंप से हिल गया. उन्होंने बताया कि भूकंप काफी देर तक महसूस किया गया लेकिन शहर में अब स्थिति सामान्य है.
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भूकंप के बाद लोगों में दहशत इतनी ज्यादा थी कि लोग सड़कों पर निकल आये. सड़क पर पहले से चल रहे वाहनों की भी कतार लग गयी.
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ये तस्वीर नेपाल में ही एक आवासीय मकान के गिरने की है. आप अंदाजा लगा सकते हैं कि भूकंप का असर कैसा हुआ है. पूरा मकान मलबे में तब्दील हो चूका है.
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काठमांडू में ही एक सड़क के किनारे ये इमारत भी जमींदोज हो गयी है. ऐसा हाल काठमांडू समेत नेपाल के हर इलाके में हुआ है.
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इस तस्वीर में नेपाल के सुरक्षा बल का एक जवान बचाव के दौरान स्थानीय युवक को समझाता दिखाई दिया कि तबाही के इस समय लोग सतर्क और जागरुक रहें ताकि ऐसे मौके का फायदा उठाकर गलत लोग लूट-पाट या और कोई हिंसक वारदात न कर सकें.
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ये तस्वीर भी नेपाल की राजधानी काठमांडू की है. साफ़ दिखाई दे रहा है कि यहां मकान किस तरह से क्षतिग्रस्त और ध्वस्त हुए हैं. अभी तक मिल रही जानकारी के मुताबिक अब नेपाल के विभिन्न हिस्सों से ऐसी तबाही की खबरें सामने आ रही हैं.
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ये तस्वीर काठमांडू के प्रसिद्ध दरबार स्कवायर की हैं. ये काठमांडू का एक बड़ा पर्यटन स्थल था. इसकी पूरी इमारत ध्वस्त हो चुकी है और सब जगह मलबा फैला हुआ दिखाई दे रहा है.
भारत की राजधानी दिल्ली समेत देश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में भी भूकंप महसूस किया गया. अमेरिकी ज्योलोजिकल सर्वे ने कहा है कि भूकंप के चलते नेपाल में भारी नुकसान की आशंका है.
नेपाल में आये इस भूकंप का सीधा असर भारत में बड़े पैमाने पर देखने को मिला. पूर्व और उत्तर भारत के विभिन्न हिस्से आज जबरदस्त भूकंप से हिल उठे जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.3 मापी गयी है.
भारतीय मौसम विभाग के आपरेशन्स सिस्मोलाजी के प्रमुख जे एल गौतम ने बताया कि भूकंप देश के पूर्व और उत्तरी हिस्सों में महसूस किया गया.
विभाग द्वारा जारी बयान के अनुसार, आज सुबह 11 बजकर 41 मिनट पर 7.5 तीव्रता का भूकंप आया. भूकंप के झटके दिल्ली बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब में करीब एक मिनट तक महसूस किए गए जिससे लोगों में दहशत फैल गयी और वे अपने घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए. दिल्ली में भूकंप के कारण किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है. अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में भूकंप के कारण मेट्रो रेल सेवा भी प्रभावित हुई.
भारत में बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और असम में इस भूकंप का सबसे ज्यादा असर हुआ है और अभी तक की जानकारी के मुताबिक सिलीगुड़ी में भी कुछ इमारतों के गिरने की खबर सामने आई है.
भारत की तरफ से प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के राष्ट्रपति रामबरन यादव से बात की है और भारत की तरफ से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है. फिलहाल, भारत की तरफ से एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट फोर्स) की दस टीमें नेपाल जाने के लिए तैयार की गयी हैं और सुपर हरक्यूलस IFC-130 से आपदा प्रबंधन टीम को नेपाल के लिए रवाना कर दिया गया है. पहले विमान के नेपाल पहुंचने के साथ ही भारत से राहत सामग्री, बचाव दल के सदस्यों को नेपाल पहुंचाया जा रहा है. अन्य विमान और चलंत एम्बुलेंस भी विमान से नेपाल के लिए रवाना किये जा चुके हैं.
इसके अलावा, नेपाल में काठमांडू का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंद कर दिया गया है और वहां के विमानों को भारत भेजा जा रहा है. नेपाल में अस्पतालों में जगह न होने की वजह से लोगों का सड़क पर और अन्य जगहों पर कैम्प लगाकर इलाज करने की कोशिश की जा रही है.
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