अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है अलकायदा : पेंटागन
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :04 Feb 2015 4:07 PM (IST)
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वाशिंगटन : अमेरिकी रक्षा विभाग मुख्यालय पेंटागन का कहना है कि युद्ध क्षेत्र में पराजय का मुंह देखने के बाद अलकायदा अब अपने अस्तित्व को बचाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है लेकिन यह आतंकी संगठन खुफिया एजेंसियों के समक्ष इस साल भी एक कठिन और पेचीदा चुनौती बना रहेगा. डिफेंस इंटेलीजेंस एजेंसी के निदेशक […]
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वाशिंगटन : अमेरिकी रक्षा विभाग मुख्यालय पेंटागन का कहना है कि युद्ध क्षेत्र में पराजय का मुंह देखने के बाद अलकायदा अब अपने अस्तित्व को बचाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है लेकिन यह आतंकी संगठन खुफिया एजेंसियों के समक्ष इस साल भी एक कठिन और पेचीदा चुनौती बना रहेगा.
डिफेंस इंटेलीजेंस एजेंसी के निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विन्सेंट स्टीवर्ट ने कल वैश्विक खतरे के आंकलन पर चर्चा के दौरान हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सदस्यों से कहा, आईएसआईएल, अफगान उग्रवाद और घरेलू हिंसक चरमपंथियों की विदेश यात्राओं की आकांक्षाओं (विशेषकर सीरिया और इराक की यात्रा) के अलावा अलकायदा की ओर से दी गई हालिया धमकियां वर्ष 2015 में भी खुफिया एजेंसियों के लिए एक मुश्किल और पेचीदा चुनौती बनी रहेंगी.
उन्होंने कहा, युद्ध क्षेत्र में पराजय का सामना करने के बाद अलकायदा का मुख्य ध्यान अब अस्तित्व बचाने पर है. वहीं, यह समूह वैश्विक चरमपंथ आंदोलन प्रमुख के अपने उस दर्जे को भी बनाए रखने का प्रयास कर रहा है, जिस पर आईएसआईएल के बढते प्रभाव के चलते उसे कड़ी टक्कर मिल रही है.
स्टीवर्ट ने कहा, वैश्विक चरमपंथ आंदोलन के कमजोर पड़ने के बावजूद पाकिस्तान में अलकायदा यमन, सोमालिया, उत्तरी अफ्रीका, सीरिया और दक्षिण एशिया के अपने वैश्विक सहयोगियों के लिए वफादारी बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद रोधी दबाव और आईएसआईएल से प्रतिस्पर्धा के बावजूद अलकायदा दूसरे देशों में हमले की क्षमता बरकरार रखने की कोशिश कर सकता है. यह समूह दक्षिणी एशिया और विश्व भर में पश्चिमी हितों को निशाना बनाने के लिए अपनी शेष अर्धसैन्य इकाइयों, प्रशिक्षित लड़ाकों और संबद्ध चरमपंथी संगठनों एवं सहयोगियों का इस्तेमाल जारी रखेगा.
रक्षा खुफिया एजेंसी के निदेशक ने कुछ अन्य आतंकी समूहों के नाम लेते हुए कहा, अलकायदा पूर्वी अफगानिस्तान में अपनी सीमित मौजूदगी का भी प्रसार करने की कोशिश करेगा क्योंकि पश्चिमी देशों के आतंकवाद रोधी अभियानों में वहां कमी आ रही है और पाकिस्तान की ओर से लगातार आतंकवाद-रोधी दबाव बन रहा है.
स्टीवर्ट ने कहा कि अलकायदा इन लैंड्स ऑफ इस्लामिक मगरेब (एक्यूआईएम) ने हाल ही में अन्य क्षेत्रीय आतंकी संगठनों के साथ मिलकर या उनके माध्यम से काम करते हुए उत्तरी और पश्चिमी अफ्रीका में अपने संचालन क्षेत्रों का विस्तार करने के प्रयासों में वृद्धि की है. एक्यूआईएम की क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों पर हमले और अपहरण करने की योजना निश्चित तौर पर जारी है.
पेंटागन के अधिकारी ने कहा, हमारी चिंता अलकायदा के बड़े नेटवर्क के हिस्से के रुप में अल-नुसरा फ्रंट द्वारा अमेरिकी एवं पश्चिमी हितों के खिलाफ दूसरे देशों में किए जाने वाले आतंकी हमलों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले सहयोग से जुड़ी है. हमें उम्मीद है कि यह समूह वर्ष 2015 में अपने संचालन क्षेत्र को सीरियाई संचालन क्षेत्रों से परे तक विस्तार देने की कोशिश करेगा और लेबनान में अपनी संचालन क्षमताओं को बढाएगा. वहां वह अभी भी अभियान चलाता है.
स्टीवर्ट ने कहा कि खोरासन ग्रुप अलकायदा के अनुभवी आतंकियों का कैडर है, जो अल-नुसरा के साथ करीबी से काम करता है और उत्तरपश्चिमी सीरिया में लड़ाके एवं प्रशिक्षण केंद्रों के लिए स्थान उपलब्ध करवाने के मामले में अल-नुसरा फ्रंट पर निर्भर करता है.
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