लैपटॉप, टैबलेट, कंप्यूटर को लेकर 'मेक इन इंडिया' के लिए मोदी सरकार के फैसले से उद्योग जगत उत्साहित

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 04 Aug 2023 11:12 PM

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Laptops-Computers Import Ban - सरकार ने हाल ही में लैपटॉप, टैबलेट एवं अन्य पीसी उत्पादों के आयात के लिए लाइसेंस को अनिवार्य करने का आदेश जारी किया. यह कदम विदेशी उपकरणों में हार्डवेयर में सुरक्षा संबंधी खामियां होने के अलावा घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के मकसद से भी उठाया गया है.

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Make In India : केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए लैपटॉप और कंप्यूटर के आयात पर बैन लगा दिया है. यह बैन एचएसएन 8741 कैटेगरी के तहत देश में आने वाले प्रॉडक्ट्स पर लगाया गया है. लैपटॉप, टैबलेट एवं पर्सनल कंप्यूटर (पीसी) के आयात पर अंकुश लगाने के सरकार के फैसले से उद्योग जगत को अगले दो-तीन साल में घरेलू स्तर पर अरबों डॉलर की उत्पादन क्षमता पैदा होने और आयात पर निर्भरता में बहुत कमी आने की उम्मीद है. सरकार ने हाल ही में लैपटॉप, टैबलेट एवं अन्य पीसी उत्पादों के आयात के लिए लाइसेंस को अनिवार्य करने का आदेश जारी किया. यह कदम विदेशी उपकरणों में हार्डवेयर में सुरक्षा संबंधी खामियां होने के अलावा घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के मकसद से भी उठाया गया है.

ऑप्टिमस इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ए गुरुराज ने कहा, हमें उम्मीद है कि अगले दो-तीन साल में घरेलू मांग का 60-65 प्रतिशत भारत में स्थानीय स्तर पर निर्मित आईटी हार्डवेयर उत्पाद ही पूरा करने लगेंगे. उन्होंने कहा कि घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई उत्पाद से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना भी इसमें अहम भूमिका निभाएगी. पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी कंपनी भी आईटी हार्डवेयर क्षेत्र के लिए समर्पित पीएलआई योजना का हिस्सा रही है और वह दूसरे चरण के लिए भी आवेदन करने वाली है.

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काउंटर पॉइंट के शोध निदेशक तरुण पाठक ने कहा कि भारत में लैपटॉप एवं टैबलेट का कुल बाजार करीब आठ अरब डॉलर का है जिसमें से 65 प्रतिशत हिस्सेदारी आयातित उत्पादों की है. लावा इंटरनेशनल के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन हरिओम राय ने कहा कि इन उत्पादों के आयात के लिए वैध मंजूरी अनिवार्य करने से 10 अरब डॉलर का विनिर्माण होगा और लाखों रोजगार अवसर पैदा होंगे. यह देश में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की आपूर्ति शृंखला के विस्तार में भी बड़ा मुकाम है.

डेकी इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रबंध निदेशक विनोद शर्मा का कहना है कि आईटी हार्डवेयर के लिए पीएलआई योजना शुरू करने से इन उपकरणों की घरेलू पारिस्थितिकी को प्रोत्साहन मिलेगा. उन्होंने कहा, सरकार का यह सुनिश्चित करना वाजिब है कि इन उपकरणों को विश्वस्त एवं सुरक्षित स्रोतों से ही खरीदा जाए.

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इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सेवाएं देने वाली कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजीज के चेयरमैन सुनील वछानी ने कहा कि इस फैसले से देश में आईटी हार्डवेयर के विनिर्माण में तेजी आने की उम्मीद है. व्यापारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि इस अंकुश से विदेशी कंपनियां भारत में विनिर्माण इकाइयां लगाने और निवेश के लिए मजबूर होंगी.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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