राजू व मिनती पर मुख्यमंत्री ने दिखायी ममता

Updated at :09 May 2017 8:09 AM
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राजू व मिनती पर मुख्यमंत्री ने दिखायी ममता

बालूरघाट: अस्पताल या वातानुकुलित कमरे में नहीं, दो विकलांग भाई-बहन की चिकित्सा व्यवस्था के लिये मिट्टी के घर में ही मेडिकल बोर्ड की बैठक हुयी. जिला मुख्य स्वास्थ अधिकारी सहित पांच चिकित्सकों की टीम ने राजू व मिनती को सौ प्रतिशत विकलांगता प्रमाण पत्र भी दिया. चिकित्सा व्यवस्था के साथ आज से उन्हें सभी प्रकार […]

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बालूरघाट: अस्पताल या वातानुकुलित कमरे में नहीं, दो विकलांग भाई-बहन की चिकित्सा व्यवस्था के लिये मिट्टी के घर में ही मेडिकल बोर्ड की बैठक हुयी. जिला मुख्य स्वास्थ अधिकारी सहित पांच चिकित्सकों की टीम ने राजू व मिनती को सौ प्रतिशत विकलांगता प्रमाण पत्र भी दिया. चिकित्सा व्यवस्था के साथ आज से उन्हें सभी प्रकार की सरकारी सहायता भी मिलनी शुरु हो गयी. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने दोनों बच्चों की मदद शुरू की है.
बालूरघाट ब्लॉक के भांगा ग्राम पंचायत स्थित राजू व मिनती की चिकित्सा शुरू कर दी गयी है. दोनो की बीमारी की खबर मुख्यमंत्री तक पहुंचते ही कार्यवाइ शुरू कर दी गयी है. दोनों की पूरी चिकित्सा व्यवस्था व सरकारी सहायता का निर्देश नवान्न से जिला प्रशासन को मिला है. उसके बाद जिला स्वास्थ विभाग टीम उनके घर पहुंची और रिपोर्ट संग्रह किया. शनिवार को अतिरिक्त जिला शासक अमलकांती राय, अतिरिक्त जिला स्वास्थ अधिकारी षष्ठीभूषण कुंडू तथा सूचना एवं संस्कृति अधिकारी शांतनू चक्रवर्ती विकलांग के घर पहुंचे. सोमवार को स्वास्थ अधिकारी, हड्डी रोग विशेषज्ञ व एक फिजीशियन के साथ ही जिला स्वास्थ विभाग की टीम ने विकलांग के मिट्टी के घर में ही बैठक की. इसके साथ दोनों की चिकित्सा व्यवस्था व सरकारी सहायता देने की प्रक्रिया शुरु की गयी. राजू व मिनती को सौ प्रतिशत विकलांग का प्रमाण पत्र दिया गया है.
अतिरिक्त जिला शासक अमलकांति राय ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इनके घर में ही मेडिकल टीम भेज कर प्रमाण संग्रह किया गया एवं इन्हें विकलांगता का प्रमाण पत्र सौं‍पा गया. इसके अतिरिक्त यह परिवार बिजली बिल तक का भुगतान नहीं कर पा रहा है. विशेष फंड से महकमा शासक ने बिजली बिल का भुगतान किया है.
मंत्री बच्चू हांसदा ने भगा दिया था
गौरतलब है कि बालूरघाट ब्लॉक के भांगा ग्राम पंचायत के अंतर्गत बदलपुर गांव निवासी पेशे से राजमिस्त्री चंचल माशुल व मीना माशुल को एक बेटा व बेटी है. उनकी 21 वर्षीय बेटी मामुनी जन्मजात विकलांग है. 17 वर्षीय बेटा राजू सात वर्ष की उम्र तक स्वस्थ था. लेकिन अचानक वह भी विकलांगता का शिकार हो गया. बेहद गरीब परिवार के लिये संतान की चिकित्सा कराना मुश्किल है.परिवार के पास जो कुछ जमापूंजी व जमीन थी वह सब कुछ दोनों की चिकित्सा में खत्म हो गया. अंत में कोई राह ना देखकर मां मीना देवी सहायता के लिये उत्तर बंगाल विकास विभाग के राज्य मंत्री बच्चू हांसदा के पास पहुंची. आरोप है मंत्री ने उन्हें दुत्कार कर भगा दिया.इसकी जानकारी राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी लगी. उसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन को दोनों विकलांग भाइ-बहन की चिकित्सा और सरकारी सहायता मुहैया कराने का निर्देश दिया.
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