तृंका से बहिष्कृत छात्र नेता बुलेट गिरफ्तार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Dec 2016 8:57 AM

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बुलेट को है तृणमूल जिला अध्यक्ष का समर्थन मालदा : गौड़बंग विश्वविद्यालय में अपनी-अपनी पकड़ मजबूत बनाये रखने के लिए तृणमूल छात्र संगठन के दो गुटों से बीच हुए संघर्ष में शामिल तृणमूल नेता विश्वजीत राय उर्फ बुलेट को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. विश्वजीत राय को पहले ही पार्टी से बहिष्कृत किया जा चुका […]

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बुलेट को है तृणमूल जिला अध्यक्ष का समर्थन
मालदा : गौड़बंग विश्वविद्यालय में अपनी-अपनी पकड़ मजबूत बनाये रखने के लिए तृणमूल छात्र संगठन के दो गुटों से बीच हुए संघर्ष में शामिल तृणमूल नेता विश्वजीत राय उर्फ बुलेट को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. विश्वजीत राय को पहले ही पार्टी से बहिष्कृत किया जा चुका है. शनिवार रात विश्वजीत को इंगलिश बाजार थाने की पुलिस ने शहर के एक नंबर गवर्नमेंट कॉलोनी इलाके से गिरफ्तार किया. रविवार की विशेष अदालत में पुलिस ने विश्वजीत राय को पेश किया. अदालत ने विश्वजीत की जमानत याचिका खारिज कर कर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस ने विश्वजीत राय के खिलाफ अश्लीलता (धारा 354), मारपीट (धारा 325), कामकाज में बाधा देने (धारा 341) और डराने-धमकाने (धारा 506) का मामला दर्ज किया है.
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बीते छह दिसंबर को गौड़बंग विश्वविद्यालय के यूनियन कार्यालय पर अपना कब्जा बनाये रखने के लिए तृणमूल छात्र परिषद के दो गुटों के बीच भारी संघर्ष हुआ था. आरोप है कि विश्वजीत राय उर्फ बुलेट के समर्थकों ने विश्वविद्यालय परिसर पहुंच कर छात्र संगठन के सदस्यों पर हमला किया. दो गुटों के बीच के इस विवाद में दस लोग जख्मी हुए थे. घायलों में से चार को मालदा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.
यहां बता दें कि वर्ष 2014 के 5 दिसंबर को मालदा शहर के रवींद्र एवेन्यू इलाका स्थित बिजली कार्यालय के इंजीनियर के साथ मारपीट करने का आरोप भी विश्वजीत राय पर लगा था.
पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था. इस आरोप के बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उसे पार्टी से निकाल बाहर किया था. पार्टी से निकाले जाने के बाद भी विश्वजीत खुद को पार्टी का नेता समझता है, और पार्टी के क्रिया-कलापों में शामिल भी होता है. मोअज्जम हुसैन के तृणमूल जिलाध्यक्ष बनते ही विश्वजीत उनकी शरण में चला गया. विश्वजीत राय के विरोधियों का आरोप है कि मोअज्जम हुसैन की मदद से विश्वजीत ने विश्वविद्यालय में इस हंगामे को अंजाम दिया. बाहुबल के दम पर उसने यूनियन कार्यालय पर कब्जा करने की कोशिश की. इस घटना के लिए विश्वजीत राय को जिम्मेदार ना ठहराते हुए मोअज्जम हुसैन ने तृणमूल छात्र परिषद की विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष अकरम अली सहित 10 सदस्यों को पार्टी से निकालने की घोषणा कर दी.
दूसरी ओर तृणमूल छात्र परिषद के जिलाध्यक्ष प्रसेनजीत दास के समर्थक अकरम अली सहित अन्य ने विश्वजीत राय के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करायी. इसी बीच पुलिस ने इस मामले में संजीव दां नामक एक टोटो चालक को गिरफ्तार किया. संजीव दां भी विश्वजीत राय के समर्थक के रूप में पहचाना जाता है.
अदालत में पेशी के दौरान विश्वजीत ने बताया कि उन्हें इस मामले में घसीटा जा रहा है. उनकी गिरफ्तारी के पीछे तृणमूल नेता तथा इंगलिशबाजार नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन कृष्णेंदु चौधरी का षड्यंत्र है. पार्टी से बहिष्कार किये जाने के बाद भी जिलाध्यक्ष मोअज्जम हुसैन के साथ घूमने के संबंध में विश्वजीत ने कोई भी बयान नहीं दिया.
इंगलिश बाजार नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन कृष्णेंदु चौधरी ने इस संबंध में कोई बयान नहीं दिया.तृणमूल के जिलाध्यक्ष मोअज्जम हुसैन ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है. हमारी पार्टी की नीति पूरी तरह से पारदर्शी है. अपराधी के साथ पार्टी व कोई सदस्य खड़ा नहीं होता. जिला पुलिस अधीक्षक अर्णव घोष ने बताया कि गौड़बंग विश्वविद्यालय में हुए संघर्ष के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.
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