तंत्र-मंत्र के चक्कर में गयी जान
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :14 Oct 2016 7:27 AM (IST)
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मालदा. अंधविश्वास की वजह से प्राण गंवाने का एक मामला सामने आया है. जहरीले सांप के काटने से एक गृहवधू की मौत हो गयी. सांप के काटने के बाद परिवार के सदस्यों ने उसे अस्पताल ना पहुंचाकर एक तांत्रिक के पास ले गये. काफी देर बाद अस्पताल पहुंचाये जाने पर भी गृहवधू ने दम तोड़ […]
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मालदा. अंधविश्वास की वजह से प्राण गंवाने का एक मामला सामने आया है. जहरीले सांप के काटने से एक गृहवधू की मौत हो गयी. सांप के काटने के बाद परिवार के सदस्यों ने उसे अस्पताल ना पहुंचाकर एक तांत्रिक के पास ले गये. काफी देर बाद अस्पताल पहुंचाये जाने पर भी गृहवधू ने दम तोड़ दिया. 4जी के इस दौर में अंधविश्वास की इस घटना ने लोगों को हैरत में डाल दिया है. गुरुवार को अंधविश्वास की हैरतअंगेज यह घटना वामनगोला थाना अंतर्गत मदनावती ग्राम पंचायत के नालागोला इलाके स्थित डांगापाड़ा गांव में घटी है. गृहवधू की मौत के बाद पुलिस के भय से तांत्रिक इलाके से फरार है. स्थानीय लोगों को अंधविश्वास के खिलाफ जागरूक करने के लिये ब्लॉक प्रशासन ने जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है.
पुलिस ने मृतका की पहचान रूकसाना बीबी (22) के रूप में की है. बुधवार की दोपहर अपने दो छोटे-छोटे बेटे को लेकर जमीन पर ही रूकसाना बीबी सोयी थी. उसी समय एक विषैले सांप ने दाहिने हाथ पर काट लिया. सांप को देखकर वह काफी चिल्लाने लगी. पत्नी के हाथ पर सांप के काटने का जख्म देखकर एनदादुल मियां व उसके परिवार के सदस्य रूकसाना को पास के स्वास्थ केंद्र में ना ले जाकर एक तांत्रिक के पास ले गये. बुधवार की दोपहर से देर रात तक वह तांत्रिक गृहवधू का उपचार करता रहा लेकिन उसकी तंत्रशक्ति का कोई असर नहीं हुआ. परिवार वालों ने सांप काटने के स्थान के थोड़ा उपर रूकसाना का हाथ बांध दिया था. तात्रिंक ने उस बंधन को भी खोल दिया, जिसकी वजह से जहर काफी तेजी से उसके शरीर में फैल कर असर कर गया. इधर कुछ स्थानीय लोगों ने परिवार की इस मुर्खता की जानकारी ग्राम पंचायत को दी. जानकारी मिलते ही पंचायत सदस्यों ने गृहवधू को मालदा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया. गुरूवार की सुबह महिला ने दम तोड़ दिया.
मालदा मेडिकल कॉलेज के उप अधीक्षक डा. ज्योतिष चंद्र दास ने बताया कि सांप के काटने के तुरंत बाद ही अगर पीड़िता को निकटवर्ती स्वास्थ केंद्र या मेडिकल कॉलेज लाया जाता तो उसे बचाना संभव था. क्योंकि प्रत्येक स्वास्थ केंद्र से लेकर मेडिकल तक सांप के विष की दवा उपलब्ध है. घटना के करीब 20 घंटे बात मरीज को मेडिकल कॉलेज लाया गया था. काफी अधिक समय बीत जाने की वजह से जहर फूरे शरीर में फैल चुका था. शरीर में जहर फैलने के बाद मरीज को बचाना असंभव हो जाता है और यही इस केस में भी हुआ.
इधर ब्लॉक विकास अधिकारी(बीडीओ) समीर दे ने बताया कि सांप विष की दवा प्रत्येक स्वास्थ केंद्र पर उपल्बध है. यहां तक कि यह प्रत्येक सरकारी और निजी अस्पताल में रखना अनिवार्य है. आज के इस अत्याधुनिक दौर में भी कुछ लोग अंधविश्वास का सहारा लेते है. अंधविश्वास के खिलाफ जागरूक करने के लिये अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है. इसके अतिरिक्त तांत्रिक और जादू टोने के नाम पर लोगों को भ्रमित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाइ की जायेगी.
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