छीटमहलवासियों को साधने में जुटीं भाजपा-तृणमूल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :05 Sep 2016 7:37 AM (IST)
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कूचबिहार. छीटमहल आंदोलन के नेता दीप्तिमान सेनगुप्त द्वारा भाजपा को समर्थन देने से वहां के राजनीतिक समीकरण में उलट-फेर होता दिख रहा है. छीटमहलवासियों के बीच अपना-अपना प्रभाव साबित करने में जुटी भाजपा और तृणमूल की लड़ाई अब आमने-सामने की हो गयी है. जहां छीटमहलवासियों को तृणमूल में रंगने के लिए तृणमूल नेतृत्व तत्पर हैं, […]
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कूचबिहार. छीटमहल आंदोलन के नेता दीप्तिमान सेनगुप्त द्वारा भाजपा को समर्थन देने से वहां के राजनीतिक समीकरण में उलट-फेर होता दिख रहा है. छीटमहलवासियों के बीच अपना-अपना प्रभाव साबित करने में जुटी भाजपा और तृणमूल की लड़ाई अब आमने-सामने की हो गयी है. जहां छीटमहलवासियों को तृणमूल में रंगने के लिए तृणमूल नेतृत्व तत्पर हैं, वहीं भाजपा दीप्तिमान का हाथ पकड़कर अपनी जनशक्ति बढ़ाने की योजना बनाये हुए है.
इधर दीप्तिमान ने भी भाजपा को समर्थन देने की घोषणा करते हुए तृणमूल पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उन्होंने कहा कि पहले से पार्टी में शामिल समर्थकों को ही दूसरी राजनीतिक पार्टियों का सदस्य बताकर शामिल करने का एक खेल तृणमूल द्वारा रचा गया है. इसके अलावा कई छीटमहलवासियों को रुपये-पैसे का प्रलोभन दिखाकर व डरा-धमकाकर तृणमूल में शामिल कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उनके भाजपा को समर्थन करने की घोषणा मात्र से ही तृणमूल अपने आगामी परिणाम को लेकर चिंतित हो गयी है.
तृणमूल सूत्रों के अनुसार छीटमहल हस्तांतरण के बाद से तृणमूल छीटमहलवासियों पर अपना प्रभाव डालना चाहती थी, लेकिन कमजोर स्थानीय नेतृत्व ने राज्य नेतृत्व की मंशा पर पानी फेर दिया. जबकि तृणमूल की गलती से सीख लेकर भाजपा ने अपनी सांगठनिक शक्ति मजबूत कर ली है. लेकिन अब पंचायत चुनाव से पहले फिर तृणमूल अपनी शक्ति मजबूत करने में जुट गयी है. तृणमूल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को छीटमहलवासियों की एक बड़ी संख्या तृणमूल में शामिल होने वाली है.
पार्टी ने इस बारे में पूरी तैयारी कर ली है. छीटमहलवासियों में अपनी पैठ बनाने के लिए तृणमूल ने अपनी सरकार के माध्यम से मतदाता पहचान पत्र, डिजिटल राशन कार्ड सहित कई सरकारी सुविधाएं देनी शुरू की हैं. लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले छीटमहलवासियों और तृणमूल के बीच विभिन्न विषयों को लेकर जो दूरी बनी थी, वह अब भी बरकरार है.
जहां एक तरफ पूरे राज्य में तृणमूल सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बन कर खड़ी है, वहीं छीटमहल में अपना जनाधार बढ़ाना ही उसके लिए चुनौती बनी हुई है. इस इलाके में संगठन को मजबूत करने के लिए उत्तर बंगाल विकास मंत्री व जिलाध्यक्ष रवींद्रनाथ घोष खुद विशेष ध्यान दे रहे हैं. उनकी उपस्थिति में ही सोमवार को छीटमहलवासियों की एक बड़ी संख्या तृणमूल का दामन थामेगी. जबकि दीप्तिमान सेनगुप्त के साथ भाजपा का दावा है कि छीटमहल इलाके में भाजपा की सांगठनिक शक्ति तृणमूल से अधिक है. इस महीने उनका जनाधार और बढ़ने की संभावना है.
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