सात बागानों के 15 खरीदार

Published at :07 Aug 2016 12:35 AM (IST)
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सात बागानों के 15 खरीदार

जलपाईगुड़ी. उत्तर बंगाल में डंकन्स ग्रुप के सात बदहाल चाय बागानों के अधिग्रहण में 15 उद्योगपतियों ने अपनी दिलचस्पी दिखायी है. इस बात की जानकारी केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में दी है. वह प्रश्नकाल के दौरान सांसद पी बेनूगोपाल तथा कामाख्या प्रसाद के प्रश्नों का जवाब दे रही थी. उन्होंने एक अगस्त […]

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जलपाईगुड़ी. उत्तर बंगाल में डंकन्स ग्रुप के सात बदहाल चाय बागानों के अधिग्रहण में 15 उद्योगपतियों ने अपनी दिलचस्पी दिखायी है. इस बात की जानकारी केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में दी है. वह प्रश्नकाल के दौरान सांसद पी बेनूगोपाल तथा कामाख्या प्रसाद के प्रश्नों का जवाब दे रही थी.

उन्होंने एक अगस्त को यह जवाब दिया है. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने बताया है कि अलीपुरद्वार जिले में डंकन्स समूह के धुमचीपाड़ा, हंटापाड़ा, लंकापाड़ा, गैरगेंडा, वीरपाड़ा, तुलसीपाड़ा एवं डिमडिमा सात बदहाल चाय बागानों के लिए 15 उद्योगपतियों ने उनके मंत्रालय से संपर्क साधा है. इसके बाद इन सभी उद्योगपतियों ने बागान के अधीग्रहण के लिए टी-बोर्ड में आवेदन भी किया है.

सीतारमण ने दोनों सांसदों को बताया है कि अलीपुरद्वार जिले के वीरपाड़ा में स्थित टेकलापाड़ा चाय बागान वर्ष 2002 से ही बंद है. यहां 604 स्थायी तथा 200 अस्थायी श्रमिक हैं. बागान मालिकों पर इन श्रमिकों के प्रोविडेंड फंड के बाबद 72 लाख रुपये से भी अधिक का बकाया है. वर्ष 2012 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने टेकलापाड़ा चाय बागान को नीलाम करने का निर्देश दिया था. कोई खरीददार नहीं मिलने की वजह से नीलामी नहीं हो सकी. दूसरी तरफ कालचीनी स्थित मधु चाय बागान के मालिक अपने स्तर पर बागान बिक्री करने की कोशिश कर रहे हैं.

मधु चाय बागान में 974 श्रमिक हैं. इन श्रमिकों का बागान मालिकों पर साढ़े चार करोड़ रुपये से भी अधिक का बकाया है. सीतारमण ने दोनों सांसदों को आगे बताया है कि जलपाईगुड़ी जिले के बानरहाट स्थित रेडबैंक, सुरेन्द्रनगर तथा धरनीपुर चाय बागान 2013 से बंद है. 2014 में राज्य सरकार ने बागानों की लीज रद्द कर अपने कब्जे में ले लिया है. सुरेन्द्रनगर चाय बागान में 451 श्रमिक हैं और पीएफ मद में उनका बकाया 26 लाख रुपये से भी अधिक है. इसके अलावा वेतन मद में 79 लाख 62 हजार रुपये बकाया है.

रेडबैंक चाय बागान
में स्थायी तथा अस्थायी श्रमिकों की संख्या 1588 है. पीएफ मद में इनका बकाया 63 लाख 93 हजार तथा वेतन मद में 2 करोड़ 19 लाख रुपया बकाया है. धरनीपुर चाय बागान के श्रमिकों का भी पीएफ मद में एक करोड़ 93 लाख तथा वेतन मद में 60 लाख रुपये बकाया है.
केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री ने और भी कई बागानों की जानकारी दोनों सांसदों को दी है. दूसरी तरफ इन चाय बागानों के श्रमिकों को मंत्री की बात पर भरोसा नहीं हो रहा है. यहां के श्रमिकों का कहना है कि चाय बागान जल्दी खुलना चाहिए.
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