चाय बागानों का अधिग्रहण नहीं करेगा केंद्र

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एक बार फिर निराश हुए चाय श्रमिक टी बोर्ड ने राज्य के मुख्य सचिव को लिखी चिट्ठी केंद्र ने डंकन्स के सात बागानों के अधिग्रहण की बात कही थी सिलीगुड़ी : लगता है कि चाय बागानों में काम कर रहे चाय श्रमिकों की किस्मत उनसे पूरी तरह से रूठ गयी है़ उनकी बदहाली दूर होने […]

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एक बार फिर निराश हुए चाय श्रमिक
टी बोर्ड ने राज्य के मुख्य सचिव को लिखी चिट्ठी
केंद्र ने डंकन्स के सात बागानों के अधिग्रहण की बात कही थी
सिलीगुड़ी : लगता है कि चाय बागानों में काम कर रहे चाय श्रमिकों की किस्मत उनसे पूरी तरह से रूठ गयी है़ उनकी बदहाली दूर होने का कोई आसार नजर नहीं आ रहा है़ न केवल बागान मालिक,अपितु राज्य सरकार औरअब केंद्र सरकार ने भी उनको दगा दे दिया है़ हाल ही में केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर अलीपुरद्वार जिले में स्थित डंकन्स ग्रुप के बंद पड़े सात चाय बागानों के अधिग्रहण की घोषणा की थी़
इस घोषणा के बाद वहां काम कर रहे चाय श्रमिक अभी ठीक से जश्न भी नहीं मना पाये थे कि किस्मत ने फिर उनका साथ छोड़ दिया़ केंद्र सरकार अब अपने फैसले से पीछे हट गयी है और बागानों के अधिग्रहण से इनकार कर दिया है़ केंद्र सरकार की ओर से टी बोर्ड के चेयरमैन संतोष सारंगी ने राज्य सरकार को साफ साफ बता दिया है किकेंद्र सरकार एक भी चाय बागान का अधिग्रहण नहीं किया है़
उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव को इस आशय की एक चिट्ठी भी लिखी है़ यहां उल्लेखनीय है कि 29 जनवरी को केंद्र सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर डंकन्स ग्रुप के सात चाय बागानों बीरपाड़ा, गेरगंडा, लंकापाड़ा, तुलसीपाड़ा, हंटापाड़ा,धूमचीपाड़ा तथा डिमडिमा चाय बागान के अधिग्रहण की घोषणा की थी़ इसके लिए केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने टी बोर्ड को कदम उठाने के लिए कहा था़ इस बीच,डंकन्स के मालिकों ने केंद्र सरकार के इस निर्णय को कलकत्ता हाइकोर्ट में चुनौती दे दी़ डंकन्स ने अदालत को बताया है कि वह चाय बागान खोलने में सक्षम हैं. उसके बाद भी केंद्र ने चाय बागान का अधिग्रहण कर लिया है़
डंकन्स ने अदालत में यह भी दलील दी कि चाय श्रमिकों के पिछले बकाये के भुगतान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गयी है़ केंद्र सरकार ने टी बोर्ड को बागान का अधिग्रहण कर चलाने के लिए कहा है़ जबकि स्थित यह कि टी बोर्ड के पास चाय बागान को चलाने का ना तो कोइ अनुभव है और ना ही उनके पास ढांचागत सुविधाएं ही है़ टी बोर्ड को भी चाय बागान चलाने के लिए किसी अन्य मालिक को ही सौंपना होगा़ इस आलोक में करीब एक सप्ताह के अंदर ही केंद्र ने अपना हाथ खड़ा कर दिया है़ केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को साफ साफ बता दिया है कि किसी भी चाय बागान का अधिग्रहण नहीं कर रही है़ इस बात की सूचना मिलते ही इस चाय बागान में काम करने वाले श्रमिक काफी निराश है़ इसके अलवा उन चाय बागानों के श्रमिकों में भी भारी निराशा है जो आने वाले दिनों में बागान के अधिग्रहण की उम्मीद लगाये बैठे थे़
क्या है मामला
यहां उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान डुवार्स में चाय बागानों की बदहाल स्थिति ने काफी विकराल रूप धारण कर लिया है. खासकर डंकन्स ग्रुप के चाय बागानों की स्थिति तो बेहद खराब है. आये दिन किसी न किसी चाय बागान में चाय श्रमिकों की मौत हो रही है. एक अनुमान के मुताबिक करीब डेढ़ सौ चाय श्रमिक भूख एवं बीमारी की वजह से मारे जा चुके हैं.
पिछले महीने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण सिलीगुड़ी के दौरे पर आयी थी. इस दौरान उन्होंने डुवार्स तथा तराई के चाय बागानों का भी जायजा लिया. वाणिज्य मंत्रालय ने हाल ही में टी बोर्ड को डुवार्स में डंकन्स ग्रुप के सात चाय बागानों के अधिग्रहण के लिए कहा था. इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दी गई थी.
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