कालियाचक : बदमाशों के आगे पुलिस और प्रशासन बेअसर

Updated:
विज्ञापन

मालदा. कालियाचक इलाके में कानून-व्यवस्था का इतना बुरा हाल है कि स्थानीय निवासी हर अनजान चेहरे को संदेह की नजर से देखते हैं. कई बार इसकी वजह से नवांगतुक लोग बेवजह स्वयं को अपराधी महसूस करने लगते हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह शक भरी निगाह बदमाशों द्वारा फैलाये गये आतंक का नतीजा […]

विज्ञापन

मालदा. कालियाचक इलाके में कानून-व्यवस्था का इतना बुरा हाल है कि स्थानीय निवासी हर अनजान चेहरे को संदेह की नजर से देखते हैं. कई बार इसकी वजह से नवांगतुक लोग बेवजह स्वयं को अपराधी महसूस करने लगते हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह शक भरी निगाह बदमाशों द्वारा फैलाये गये आतंक का नतीजा है.

असामाजिक तत्वों ने बाहुबली वर्ग की छत्रछाया में लूटपाट, जमीन पर कब्जा, हत्या, अपहरण, बलात्कार आदि से इलाके में आतंक मचा रखा है. स्थानीय बदमाशों का मनोबल इतना प्रबल हो गया है कि अब उन्होंने कालियाचक के बाहर भी आतंक मचाना शुरू कर दिया है. इलाके में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों से परेशान होकर अब इलाकावासियों ने सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया है. नागरिकों के दबाव में पुलिस- प्रशासन हरकत में जरूर आया है, लेकिन इसका कोई खास असर दिखायी नहीं दे रहा है.

सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2015 के दौरान, अगस्त से सितंबर के बीच 10 लोगों की हत्या हुई. इस दौरान पुलिस ने आग्नेयास्त्र के दो अवैध कारखानों से भारी मात्रा में हथियार व कारतूस बरामद किया और चार लोगों क ो गिरफ्तार भी किया गया. इसके अलावा पिछले दो महीनों में डकैती, छिनतई, बलात्कार व अपहरण जैसे विभिन्न संगीन अपराधों से जुड़े मामलों में 34 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. इन सबके बावजूद, कालियाचक में अब भी कुछ ऐसे गांव हैं जहां जाने का साहस बाहरी लोग नहीं कर पाते. कालियाचक में ऐेसी परिस्थिति के लिए प्रशासन की भूमिका पर सवालिया निशान लगाये जा रहे हैं.

कालियाचक इलाके से होकर गंगा नदी बहती है. नदी के उस पार झारखंड एवं दूसरी ओर है बांग्लादेश. अपराधी घटना को अंजाम देकर बड़ी ही सरलता के साथ झारखंड या बांग्लादेश में जाकर छिप जाते हैं. सूत्रों का कहना है कि कालियाचक इलाके में जमीन का दाम आकाश छू रहा है जिससे जमीन माफियाओं का राज भी कई गुणा बढ़ चला है. लंबी दूरी तक खुली सीमा की वजह से सीमा पार के बदमाशों के साथ गैरकानूनी धंधे भी जोर-शोर से चल रहे हैं. सीमावर्ती इलाके का अधिकांश भाग मानवविहीन है जहां अफीम की अवैध खेती होती है. नारकोटिक्स विभाग सेटेलाइट के जरिए कस्टम विभाग की सहायता से अफीम की खेती को नष्ट करने के लिए विशेष अभियान चला रहा है.

सीमा पर नकली नोट का गोरखाधंधा भी चलाया जा रहा है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष जनवरी से सितंबर तक एक करोड़ के नकली नोट सिर्फ कालियाचक से बरामद हो चुके हैं. साथ ही सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. गैरकानूनी हथियारों की तस्करी करनेवालों ने बिहार के मुंगेर से कालियाचक में डेरा डालना शुरू किया है एवं गुप्त रूप से हथियार बनाने का कारोबार भी चलाया जा जा रहा है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola