48 घंटों में दो हाथियों की मौत से पशु प्रेमियों की उड़ी नींद

Updated at : 06 Jun 2014 9:39 AM (IST)
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48 घंटों में दो हाथियों की मौत से पशु प्रेमियों की उड़ी नींद

सिलीगुड़ी: डुवार्स के विभिन्न इलाकों में एक बार फिर से हाथियों की मौत का सिलसिला शुरू हो जाने से एक बार फिर से इस क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमियों और पशु प्रेमियों की नींद उड़ गयी है. अब तक तो हाथियों की मौत ट्रेन से कटकर होती थी. लेकिन अब करंट लगने से हाथियों की मौत […]

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सिलीगुड़ी: डुवार्स के विभिन्न इलाकों में एक बार फिर से हाथियों की मौत का सिलसिला शुरू हो जाने से एक बार फिर से इस क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमियों और पशु प्रेमियों की नींद उड़ गयी है. अब तक तो हाथियों की मौत ट्रेन से कटकर होती थी.

लेकिन अब करंट लगने से हाथियों की मौत के खबर ने आमलोगों के साथ साथ प्रशासन की परेशानी भी बढ़ा दी है.यहां 48 घंटे के अंदर दो हाथियों की मौत हो चुकी है और दोनों ही मामलों में जांच के बाद यह पाया गया कि करंट लगने से ही इन हाथियों की मौत हुयी है. हाथियों की इस बेमौत को रोकने के लिए यहां के विभिन्न स्वंयसेवी संगठनों ने पहल शुरू कर दी है.पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य कर रहे एक स्वयंसेवी संगठन नैफ ने हाथियों की मौत को रोकने के लिए पहले से ही गठित एक कमेटी के फिर से सक्रिय होने की मांग की है. इस कमेटी में वन विभाग,पुलिस,बिजली विभाग,ग्राम पंचायत के सदस्य शामिल हैं.

लेकिन पिछले एक वर्ष से इस कमेटी की एक भी बैठक नहीं हुयी है. नैफ के अध्यक्ष अनिमेश बसु ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता की कमी के कारण ग्रामीण अपने घर के आसपास बिजली का तार लगाकर उसमें करंट लगा देते हैं.कभी कभी इस करंट के कारण उस ग्रामीण या फिर उसके परिवार के लोगों की भी मौत हो सकती है. उन्होंने कहा कि हाथियों को भगाने का और भी कइ तरीका है. इसी तरीके को ग्रामीणों बाताने की जरूरत है. ऐसा नहीं होने पर आने वाले दिनों में और भी कइ हाथियों की मौत हो सकती है.उन्होंने कहा कि हल्का करंट लगा कर भी हाथियों को भगाया जा सकता है.इसके लिए घर की बिजली का करंट सही नहीं होता है.

वन विभाग के कर्मचारी और बिजली विभाग के कर्मरारियों को इस दिशा में पहल करनी चाहिए. इनलोगों को ग्रामीणों को बताना चाहिए कि किस प्रकार से हल्के करंट से हाथियों को गांव में प्रवेश से रोका जा सकता है. इससे हाथी को हल्का झटका लगता है और वह भाग खड़ा होता है. ऐसे करंट से हाथी की मौत नहीं होती है.गौरतलब है कि इस महीने की 1 तारीख को सिलीगुड़ी के निकट बैकुंठपुर वन क्षेत्र इलाके के एक गांव में करंट लगने से एक हाथी की मौत हो गयी थी. इस सिलसिले में एक ब्यक्ति को गिरफ्तार भी किया गया है. इस घटना के 48 घंटे के अंदर ही मटेली में एक हाथी की मौत भी करंट लगने से ही हो गयी थी.

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