दूसरे दिन भी तराई के चाय बागान में बंद जोरदार
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Aug 2018 2:04 AM
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सिलीगुड़ी : न्यूनतम मजदूरी तय करने की मांग को लेकर चाय श्रमिकों द्वारा आहूत तीन दिवसीय बंद का दूसरे दिन भी जोरदार असर देखने को मिला. डुवार्स के साथ-साथ सिलीगुड़ी एवं तराई केअधिकांश चाय बागान बंद देखे गए. सिलीगुड़ी के आसपास माटीगाड़ा, बागडोगरा, नक्सलबाड़ी, खोरीबाड़ी आदि इलाके के चाय बागानों में पूरी तरह से बंद […]
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सिलीगुड़ी : न्यूनतम मजदूरी तय करने की मांग को लेकर चाय श्रमिकों द्वारा आहूत तीन दिवसीय बंद का दूसरे दिन भी जोरदार असर देखने को मिला. डुवार्स के साथ-साथ सिलीगुड़ी एवं तराई केअधिकांश चाय बागान बंद देखे गए. सिलीगुड़ी के आसपास माटीगाड़ा, बागडोगरा, नक्सलबाड़ी, खोरीबाड़ी आदि इलाके के चाय बागानों में पूरी तरह से बंद का पालन किया गया. हालांकि इस दौरान 1-2 चाय बागानों में थोड़ा बहुत काम होने की भी खबर है.
विभिन्न चाय श्रमिक ट्रेड यूनियनों के संयुक्त फोरम ने इस बंद का आह्वान किया है. बुधवार को न्यू चामटा चाय बागान के श्रमिकों ने एक रैली निकालने की कोशिश की. जिसे पुलिस ने रोक दिया. इससे पहले कल मंगलवार को भी चाय श्रमिकों ने रैली निकालकर उत्तर कन्या अभियान की कोशिश की थी. तब भी पुलिस ने उनको बीच में ही रोक दिया था. बागडोगरा,सुकना, सालबाड़ी इलाके के विभिन्न चाय बागानों के चाय श्रमिक सुबह उत्तरकन्या अभियान के लिए निकले थे. चाय श्रमिक बागान में गेट मीटिंग करने के बाद उत्तरकन्या अभियान पर निकले. विभिन्न चाय बागानों से भारी संख्या में चाय श्रमिकों ने उत्तरकन्या के लिए पैदल यात्रा शुरू की थी. जैसे ही पुलिस को इस बात की जानकारी मिली उनके हाथ पांव फूल गए .
चाय श्रमिकों को विभिन्न स्थानों पर रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को रवाना किया गया था. बुधवार को भी कमोवेश ऐसी ही स्थिति बनी रही. पूरे उत्तरकन्या को को सुरक्षा के लिहाज से किले में तब्दील कर दिया गया था. हांलाकि पुलिस ने किसी भी रैली को बुधवार को भी उत्तरकन्या नहीं पहुंचने दिया. ट्रेड यूनियन संगठन के नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की है. यूनाइटेड फोरम के नेता आलोक चक्रवर्ती का कहना है कि चाय श्रमिक आज विरोध प्रदर्शन के लिए रैली निकाल रहे थे.
लेकिन पुलिस ने रोक दिया. इससे पहले पुलिस ने दागापुर चाय बागान को भी जोर जबरदस्ती खुलवाने की कोशिश की. यह आरोप है श्री चक्रवर्ती ने लगाया है. उन्होंने बताया है कि नक्सलबाड़ी थाना अंतर्गत 1-2 चाय बागानों को छोड़कर अधिकांश चाय बागान बंद थे. आशापुर, विजयनगर, बेलगाछी आदि चाय बागानों में कोई काम नहीं हुआ. हालांकि खोरीबाड़ी में एक दो चाय बागान में आंशिक रूप से काम हुआ है. माटीगाड़ा इलाके के अधिकांश चाय बागान पूरी तरह से बंद थे.
आज सुबह से ही चाय श्रमिक विभिन्न चाय बागानों के गेट के सामने धरना प्रदर्शन करने में लगे हुए थे. उन्होंने एक बार फिर से चाय श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी जल्द से जल्द करने की मांग सरकार से की. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कल तीसरे दिन भी चाय बागान में बंद जारी रहेगा.यहां बता दें कि न्यूनतम मजदूरी तय नहीं होने से नाराज चाय श्रमिक आंदोलन पर हैं. मंगलवार से ही उनका आंदोलन शुरू हो गया.
सोमवार को उत्तरकन्या में न्यूनतम मजदूरी तय करने को लेकर आयोजित त्रिपक्षीय बैठक फेल होने के बाद से ही चाय श्रमिकों में भारी रोष है. न्यूनतम मजदूरी को लेकर अब तक कई बैठक हो चुकी है लेकिन कोई निर्णय नहीं हुआ है. बीते सोमवार को भी उत्तरकन्या में त्रिपक्षीय बैठक हुयी थी. मंगलवार को भी सिलीगुड़ी में एक बैठक हुयी,जिसमें बागान प्रबंधन के लोग नहीं आये. वह बैठक भी फेल गयी. पिछले दो दिनों में दो बैठकों के फेल होने से चाय श्रमिकों में गुस्सा और निराशा है.
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